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Karnal News: हादसे में मरे अमित की अमेरिका में अंत्येष्टि मां नहीं देख पाईं बेटे का आखिरी बार चेहरा

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। करीब 15 दिन पहले अमेरिका में ट्रक हादसे में जिंदा जले 24 वर्षीय अमित का कैलिफोर्निया के शिवपुरी में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया। डीएनए टेस्ट से पहचान की पुष्टि के बाद पुलिस ने परिजनों को शव के कुछ अवशेष सौंपे और यह हिदायत दी कि उन्हें खोला न जाए। इसके बाद कैलिफोर्निया में भारतीय समुदाय की मौजूदगी में मृतक की अंतिम यात्रा निकाली गई। अमित के भाई अंकित ने मुखाग्नि दी। मां बेटे का चेहरा आखिरी बार नहीं देख पाईं।
अमेरिका में बसे हरियाणा के लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। सभी ने अमित को नम आंखों से विदाई दी। मां ने अमेरिका से आई वीडियो कॉल के माध्यम से बेटे का अंतिम संस्कार देखा। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। अब अमित की अस्थियां अमेरिका से भारत लाई जाएंगी। रविवार को पानीपत के गांव कुराना में रस्म क्रिया होगी। इसके बाद परिजन अस्थियों को हरिद्वार ले जाकर गंगा में प्रवाहित करेंगे और आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे।
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अमित मूल रूप से पानीपत के गांव कुराना का रहने वाले थे। 20 सालों से उनका परिवार करनाल में नई अनाज मंडी के पास रह रहा है। अमित की मौत की सूचना मिलने के बाद पानीपत के कुराना से लेकर करनाल अनाज मंडी के लोगों में मातम पसरा हुआ है।

हादसा 11 सितंबर की सुबह करीब 9:30 बजे अर्कान्सास स्टेट के आई-40 हाईवे के एग्जिट 166 पर हुआ था। अमित ट्रक खाली करके लौट रहे थे। एक लोडेड ट्रक ने उनकी गाड़ी को दाहिनी ओर से टक्कर मार दी। हादसे के बाद उनका ट्रक पेड़ों से जा टकराया और डीजल टैंक में जोरदार धमाका हो गया। ट्रक आग के गोले में बदल गया। अमित बाहर नहीं निकल पाए। उनकी जलकर मौत हो गई।
मामा हरपाल सिंह का कहना है कि मां की हालत बेहद खराब है। एक बेटा डंकी रूट से जाकर जीवन बना रहा था। दूसरा भी उन्हीं सपनों के साथ अमेरिका पहुंचा था लेकिन किस्मत ने उसे छीन लिया।
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मौत से 15 मिनट पहले भाई से की थी बात
बताया जा रहा है कि हादसे से ठीक 15 मिनट पहले अमित ने अपने भाई अंकित से फोन पर बातचीत की थी। अमित ने बताया था कि वह ट्रक खाली करके लौट रहा है और डीजल भरवा लिया है। किसी को अंदेशा नहीं था कि यह उनकी आखिरी कॉल होगी। कुछ देर बाद ही हादसा हुआ और परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। मृतक के मामा हरपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव सौंपने से पहले मृतक के भाई अंकित का डीएनए सैंपल लिया गया था। जले हुए शव के डीएनए से यह मिल गया। इसके बाद ही अवशेष परिजन को सौंपे गए। ये अवशेष ताबूत में रखकर कैलिफोर्निया लाए गए और वहीं पर हिंदू रीति-रिवाज से दाहसंस्कार किया गया। मृतक अमित का भाई अंकित वर्ष 2016 में अमेरिका गया था। उसे देख अमित भी दो साल पहले 60 लाख रुपये खर्च कर डंकी के रास्ते अमेरिका पहुंचा था। उनके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।
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