- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से सेक्टर-13 केंद्र में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में बीके शिखा बहन ने कहा कि परमात्मा शिव निराकार हैं। अनंत गुणों के सागर हैं। वह प्रेम, शांति, सुख, आनंद के भंडार हैं। आत्मा के सर्व संबंध परमात्मा के साथ हैं। परमात्मा शिव कलियुग अंत सतयुग आदि के संगम पर धरती पर अवतरित होकर आत्माओं को ज्ञान देते व सहजयोग सिखाते हैं।
आर्ट एंड कल्चर विंग की नेशनल को-ऑर्डिनेटर राजयोगिनी प्रेम दीदी ने कहा कि परमात्मा सर्वोच्च सर्व शक्तिमान, सर्वोपरि, सर्वज्ञ व सर्वमान्य है। वह जन्म मरण के चक्र से न्यारे अकालमूर्त हैं। वो सृष्टि के लिबरेटर व गाइड हैं, कल्याणकारी हैं। परमात्मा ने श्रीमद्धभागवत गीता में कहा है कि जब-जब मैं सृष्टि पर अवतार लेता हूं तब साधारण मानवीय तन का आधार लेता हूं, इसलिए मुझे वही पहचानता है जिसे मैं ज्ञान चक्षु प्रदान करता हूं। परमात्मा का निवास स्थान परमधाम है।
उन्हें सदाशिव भी कहा जाता है। उनके अनेक नाम हैं मुक्तेश्वर, पापकटेश्वर, विश्वेवश्वर, ओमकारेशवर, महाकलेशवर, विश्वनाथ, पशुपतिनाथ, केदारनाथ, बद्रीनाथ व अमरनाथ आदि। बीके शिविका ने मंच संचालन किया।
कुमारी परी व वंशी ने नृत्य से सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। इस अवसर पर राम निवास गर्ग, ऋषिराज शर्मा, केके खन्ना, ओमप्रकाश, रमेश कुमार, कृष्ण पाहवा, जगदीश कादियान, आरएन अरोड़ा, जयगोपाल अरोड़ा, शाम सुंदर परूथी, शाम भाटिया, संतलाल बत्तरा, ईश्वर सिंह, केबी मल्होत्रा, राजेंद्र हांडा, जसमेर, सुषमा भाटिया, रीतू चौहान, दर्शना कादियान, सरोज चावला, सुनीता मदान, छवि विमल, शांति, प्रवेश, दिनेश और चक्षु के साथ अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।