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करनाल: कोविड डॉट कॉम वेबसाइट बनाने पर आकर्ष को मिला राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, पीएम ने किया सम्मानित 

Tue, 25 Jan 2022 12:37 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)

सार

वर्चुअल कार्यक्रम के जरिये प्रधानमंत्री ने सम्मानित किया। आकर्ष कौशल ने पहली लहर में लोगों को घर बैठे कोरोना की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए वेबसाइट बनाई थी। करनाल में पहली बार किसी बच्चे को यह पुरस्कार मिला है।
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करनाल लघुसचिवालय में आकर्ष कौशल के साथ डीसी निशांत कुमार व परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के कर्ण नगरी करनाल के बेटे आकर्ष कौशल को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला है। वर्चुअल तरीके से आयोजित हुए कार्यक्रम में उन्हें यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी ने सौंपा। कोरोना की पहली लहर में लोगों को घर बैठे कोरोना जांच की रिपोर्ट मिल सके इसके लिए करनाल के बेटे आकर्ष कौशल ने कोविड डॉट कॉम वेबसाइट बनाई थी। बाद में यह परियोजना अन्य जिलों में भी विस्तारित हुआ। इसी उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें यह विशेष पुरस्कार मिला है। पुरस्कार में पदक, एक लाख रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र मिला।

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2018 में प्रधानमंत्री की ओर से यह विशेष पुरस्कार शुरू किया गया था। जिसमें नवाचार, शैक्षिक, खेल, कला संस्कृति, समाज सेवा और बहादुरी जैसी छह श्रेणी में 5 से 18 वर्ष की आयु के असाधारण क्षमताओं और उत्कृष्ट उपलब्धियों वाले बच्चों को सरकार की ओर से दिया जाता है। करनाल में पहली बार आकर्ष कौशल ने यह पुरस्कार प्राप्त किया है। इसके लिए केंद्रीय महिला एवं बाल बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी और उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बधाई दी। 

सोमवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें प्रधानमंत्री ने देश के 29 बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देकर सम्मानित किया। लघु सचिवालय के सभागार से आकर्ष कौशल कार्यक्रम में जुड़े। इस दौरान उनके साथ उपायुक्त, पिता डॉ. गगन कौशल व माता आरती कौशल मौजूद रहे।

बेडों की कमी में भी काम आई वेबसाइट 

आकर्ष कौशल की ओर से तैयार की गई वेबसाइट के जरिये कोविड का टेस्ट करवाने वालों को रिपोर्ट स्वयं डाउनलोड करना सुलभ हुआ। इसी प्रकार कोविड के दौरान बैड की कमी आ गई थी, इस दौरान आकर्ष ने एक कोविड बिस्तर उपलब्धता डैश बोर्ड बनाया और साथ ही करनाल में होम आइसोलेटेड रोगियों पर नजर रखने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफार्म भी तैयार किया। जिससे कई लोगों की जान बचाने में मदद मिली।     

माता-पिता बोले, बेटे की उपलब्धि पर गर्व 

आकर्ष का कहना है कि वह कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में अपना व्यवसाय स्थापित करना चाहता है। ताकि समाज में सकारात्मक प्रभाव पैदा हो। पिता गगन कौशन और माता आरती कौशल को अपने बेटे की उपलब्धि पर गर्व है। बेटा वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने, समुदायों की मदद के साथ-साथ जनता की भलाई में योगदान दिया जा सके। 

नकारात्मक चीज का खुद पर न पड़ने दें प्रभाव : प्रधानमंत्री 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छोटी उम्र में बड़े काम करना अपने आप में उत्कृष्ट उपलब्धि है और यह पूरे समाज व देश के लिए प्रेरक है। उन्होंने सभी पुरस्कार पाने वाले बच्चों को बधाई दी और कहा कि वह सभी देश को कैसे लाभ पहुंचाया जा सकता है, इस सोच के साथ आगे बढ़ते रहे। किसी भी नकारात्मक चीज का प्रभाव खुद पर न आने दें। 

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