निसिंग। कस्बे के औंगद गांव के बॉडी बिल्डिंग युवा खिलाड़ी अजय भार्गव ने तीन माह की दिन-रात कड़ी मेहनत व जनून से क्षेत्र में नाम कमाया है। गांव में गरीब परिवार से निकले अजय ने पैसे की किल्लत होते हुए भी बॉडी बिल्डिंग के महंगे खेल में कॅरिअर की शुरुआत की। उन्होंने संतुलित भोजन से अपने शरीर को इस काबिल बनाया कि पूंडरी के राजकीय इंडोर स्टेडियम में आयोजित बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में 120 प्रतिभागियों में से 65 किलोग्राम भार श्रेणी में स्वर्ण पदक हासिल किया।
उन्होंने मात्र तीन से चार माह के अभ्यास से साबित कर दिखाया कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। मजदूरी कर पिता अशोक भार्गव ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। उसी के परिणाम स्वरूप आज उनके बेटे ने खेलों में नाम कमाया है।
उनकी यह सफलता न केवल उनके खुद के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायक रहेगी। पूंडरी में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने 119 खिलाड़ियों को प्रतिभा के दम पर पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
संतुलित भोजन से बनाया शरीर : अजय भार्गव ने बताया कि वह छोटी उम्र से ही बॉडी बिल्डिंग में रुचि रखते थे। इसमें कॅरिअर बनाने के लिए उसने सबसे पहले अपना डाइट चार्ट तैयार किया और संतुलित भोजन से शरीर बनाया। उन्होंने अपने कोच साहब सिंह राणा की देखरेख में सुबह शाम प्रतिदिन दो घंटे कड़ी मेहनत से शरीर में एब्स बनाए।