माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के साथ करनाल में भी वायु गुणवत्ता के बिगड़ते स्तर को देखते हुए ग्रेप-2 पहले ही लागू किया जा चुका है। प्रदूषण का स्तर लगातार खराब श्रेणी में पहुंचने के कारण विभाग ने जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया है। डीजल से चलने वाले जेनरेटरों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। बिजली निगम को निर्देश हैं कि बिजली की निर्बाध आपूर्ति जारी रहे। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई होगी। अवैध ईंधन जलाने पर पांच से 25 हजार तक जुर्माना लगाया जाएगा। दिल्ली-एनसीआर के साथ 14 अक्तूबर को ग्रेप-1 लागू किया गया। इसके बाद प्रदूषण बढ़ा तो 19 अक्तूबर को ग्रेप-2 लागू किया गया था।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से जिले के 41 विभागाध्यक्षाें और अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें पुलिस से लेकर नगर निगम, एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, सभी एसडीएम, श्रमायुक्त, रोडवेज, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन, राजस्व को भी ग्रेप-2 के नियमों को अवगत करा विभाग स्तर पर कार्रवाई करने को कहा गया है। जिले का औसत एक्यूआई 183 पर है।
ग्रैप-2 की प्रमुख पाबंदियां
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एसडीओ रणदीप संधू ने बताया कि सभी निर्माण स्थलों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए नेट कवर और पानी का छिड़काव अनिवार्य किया जाएगा। सड़क किनारे जमा मलबा और निर्माण सामग्री को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं। डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। केवल आपात सेवाओं में इसकी अनुमति दी जा सकेगी। पेट्रोल और डीजल वाहनों की पीयूसी चेकिंग अनिवार्य होगी। पुराने डीजल वाहनों और धुआं छोड़ने वाले ट्रकों की एंट्री पर निगरानी रखी जाएगी। भारी माल वाहनों की शहर की सीमा में आवाजाही केवल आवश्यक वस्तुओं के लिए आ-जा सकेंगे।
नागरिकों से निजी वाहनों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट या कार शेयरिंग का आग्रह किया गया है। नगर निगम को निर्देश जारी कर शहर की सड़कों की नियमित मैकेनिकल स्वीपिंग और वाटर स्प्रिंकलिंग के निर्देश जारी किए गए हैं। हॉट मिक्स प्लांट, स्टोन क्रशर और रेडी मिक्स यूनिट पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। खुले में कचरा या पत्ते जलाने पर चालान के निर्देश जारी हैं।
ग्रेप-3 में लगाए जाते हैं कड़े प्रबंध
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी कंवलजीत ने जिला वासियों से अपील की है कि वे वायु गुणवत्ता को सुधारने में सहयोग करें। खुले में कूड़ा या लकड़ी जलाने से बचें, वाहन इंजन को बेवजह चालू न रखें और अधिक से अधिक पौधरोपण करें। पर्यावरण निगरानी केंद्र के अनुसार करनाल में 24 घंटों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 के पार पहुंच गया है, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। कृषि अवशेष जलाने, सर्दी के मौसम में हवा की रफ्तार कम होने और वाहनों से उत्सर्जन के कारण प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर एक्यूआई का ये स्तर 401 से ऊपर यानी गंभीर श्रेणी में पहुंचता है तो ग्रेप-3 के तहत और कड़े प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। जिनमें निर्माण कार्यों पर पूर्ण रोक, ट्रकों की एंट्री पर प्रतिबंध और स्कूल बंद करने जैसे कदम शामिल हैं।