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सामाजिक संस्थाओं ने रैली निकालकर दिया एड्स से बचने का संदेश

Sun, 01 Dec 2013 10:40 PM IST
करनाल
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करनाल में लाइलाज एड्स की बीमारी से बचाव की दिशा में लोगों को जागरूक करने लिए बीते वर्ष 2012 में विश्व रिकॉर्ड बना चुकी सामाजिक संस्था नेशनल इंटीग्रेटिड फोरम ऑफ आर्टिस्टस एंड एक्टीविस्टस (निफा) ने रविवार को विश्व एड्स दिवस के अवसर पर जागरूक किया।
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राजा कर्ण की नगरी में निफा की ओर से पंचायत भवन में एक सम्मेलन का आयोजन करने और बाइक रैली निकालकर लोगों को संदेश दिया गया। विश्व एड्स दिवस पर आयोजित सम्मेलन में प्रमुख समाजसेवी व निफा के आजीवन संरक्षक सदस्य महेंद्र कादियान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

सृजन संस्था के संचालक दिनेश कुमार ने युवाओं को संयमित व मर्यादित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब भी हम कुछ अप्राकृतिक करते हैं तो प्रकृति प्रतिशोध लेती है। यही कारण है कि जब आज की सभ्यता विशेषत युवा वर्ग मर्यादा व संस्कारों को छोड़ रहे हैं तो एड्स जैसी बीमारियां विश्वभर में फैल रही है।
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करनाल के लिए गर्व की बात है कि निफा ने एड्स जागरूकता को लेकर एक गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाया है व कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में देश का प्रतिनिधित्व किया है। ड्रामा डायरेक्टर कुशल के निर्देशन में एड्स के कारणों व बचने के उपायों पर एक नाटक भी प्रस्तुत किया गया।

जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से एड्स काउंसिलर अशोक कुमार ने बताया कि एड्स असुरक्षित यौन संबंधों, संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित सुई का इस्तेमाल करने या पीड़ित मां से उसके बच्चों को हो सकता है। एड्स रोगी से हाथ मिलाने या उसके साथ खाना खाने से एड्स नहीं फैलता।

कार्यक्रम के मुख्य आयोजक व निफा अध्यक्ष प्रितपाल सिंह पन्नु व संयोजक एडवोकेट नरेश बराना ने कहा कि आज पूरे देश में लगभग 21 लाख इस बीमारी के मरीज हैं। करनाल में 1300 केस एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से 92 रोगी के रूप में रजिस्टर्ड हुए हैं।

यद्यपि 2010 में 24 लाख की संख्या से 2013 में 21 लाख तक पहुंचना काफी संतोष का विषय है फिर भी इसमें अभी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में करनाल व्यापार मंडल के प्रधान जेआर कालड़ा, डॉ. लाजपत राय चौधरी व दून ग्रुप के निदेशक कुलजिंदर एमएस बाठ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने अपने विचार रखे।

इसके अतिरिक्त रोड सेफ्टी आर्गनाइजेशन के सदस्य भारी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए। शहर के गणमान्य व्यक्ति रूपनारायण चानना, दीवान कुलदीप चोपड़ा, एडवोकेट धर्मपाल गुप्ता, महेश शर्मा, नगर व्यापार मंडल के प्रधान कृष्णलाल तनेजा, एचजी खुराना, दिलबाग मान, पीआर नाथ, दिनेश बख्शी, मास्टर पृथ्वी सिंह, कर्मवीर सिंह, जत्थेदार सुरजीत सिंह दरड़, जसमेर सिंह, गुरदयाल सिंह ने कार्यक्रम में शिरकत की।

निफा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष परमजीत सिंह आहुजा, परमिंदर पाल सिंह, सहसचिव जसविंदर सिंह बेदी, मंजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, बरिहार सिंह ने कार्यक्रम में सहयोग दिया। मंच संचालन निफा संयोजक एडवोकेट नरेश बराना ने किया।

इन छात्रों ने निकाली बाइक रैली
सम्मेलन के बाद निफा के छात्र विंग की ओर से एक बाइक रैली का आयोजन किया गया। छात्र विंग के इंचार्ज प्रदीप मेहला, महासचिव जितेंद्र नरवाल, नौनीत वर्मा, सन्नी, हितैष गुप्ता, तेजिंद्र सिंह, विपिन पोसवाल, राहुल दत्त के नेतृत्व में लाल टी शर्ट पहने सैकड़ों युवाओं ने मुख्य मार्गोँ से जागरूकता रैली निकाली।

पंचायत भवन से रैली को मुख्य अतिथि महेंद्र कादियान ने रवाना किया, जहां से अंबेडकर चौक, गांधी चौक, सिविल अस्पताल चौक, गुुरुद्वारा मॉडल टाउन चौक, लघु सचिवालय, कुंजपुरा रोड, सब्जी मंडी चौक, कमेटी चौक और बस अड्डे से होती हुई पंचायत भवन पहुंची, जहां सभी युवाओं को प्रतिभागिता प्रमाणपत्र दिए गए।

रास्ते में इन युवाओं ने एड्स जागरूकता के स्लोगन लिखे बोर्ड लेकर लोगों को जागरूक किया। रैली के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी आरएसओ के सदस्यों के कंधों पर रही। बाद में आरएसओ के सभी सदस्यों को सम्मानित किया गया।

6847 प्रतिभागी दे चुके हैं संदेश
दो अप्रैल को राज्यभर के 6847 प्रतिभागियों ने निफा के बैनर तले रेड रिबन बनाकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया था। इन प्रतिभागियों ने दुनिया भर के लोगों को भारत की धरती से संयुक्त और प्रभावी संदेश देते कहा था कि लोग काया से स्वस्थ रहेंगे तो पूरा विश्व स्वस्थ होगा।

लोग ऐसी लाइलाज बीमारियाें से ग्रस्त हुए तो धीरे-धीरे दीमक की तरह सब कुछ कुतरा जाएगा। युवा पीढ़ी को बचाने और अपने देश की सुसस्ंकृति का सम्मान दुनिया के सामने और बढ़ाने के लिए निफा का निरंतर प्रयास है, जो भविष्य में भी जारी रहेगा।
प्रीतपाल सिंह पन्नू, राष्ट्रीय अध्यक्ष, निफा

गुजरात के किसानों ने देखी गेहूं की संरक्षित खेती
तरावड़ी में किसान विकास चौधरी के खेत में रविवार को गेहूं की संरक्षित खेती के ट्रायल को देखने के लिए गुजरात से 40 किसानों का एक दल पहुंचा। इन किसानाें ने धान के पराल में गेहूं की बिजाई हैपी सीडर से कैसे की जाती है, इसकी जानकारी ली और इसके फायदों के बारे में भी जानकारी ली।

किसान विकास चौधरी ने बताया कि धान की पराल में अगर हैपी सीडर से गेहूं की बिजाई की जाए तो खेत में मंडूसी कम आएगी और पानी की बचत होगी। उन्होंने इसका एक सबसे बड़ा फायदा बताया कि इस तरह की बिजाई से यदि मार्च में जल्दी गर्मी आ जाए तो भी उत्पादन कम नहीं होता।

उन्होंने किसानों के समूह को बताया कि नया सॉफ्टवेयर, जो प्राच्छिट विडोष पोषण प्रबंधन के नाम से आया है, इसके उपयोग के कई फायदे हैं, इसके अलावा ग्रीन सीकर एक नया यंत्र भी वैज्ञानिकों ने तैयार किया है, जो हमें कितना यूरिया अपने खेत में डालना है, इसके बारे में जानकारी देता है। मौके पर डॉ. आरएस दादूवाल, किसान सुरेश कुमार, मुकेश कुमार व अमित कुमार उपस्थित थे।
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