केंद्र सरकार की ओर से खादी विभाग को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में खादी मिशन हरियाणा के आह्वान पर प्रदेश भर में खादी उत्पादन व बिक्री केंद्रों पर कामकाज ठप रहा। कुरुक्षेत्र स्थित खादी ग्रामोद्योग कार्यालय के कर्मचारियों ने एकजुट होकर धरना प्रदर्शन किया।
इस दौरान खादी मिशन के जिला संयोजक सतपाल सैनी ने बताया कि सरकार द्वारा खादी विभाग को निजी क्षेत्र और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हाथों में सौंपने से खादी विभाग में कार्यरत लाखों कारीगर बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर खादी विभाग निजी हाथों में सौंपा।
तो मजबूरन खादी विभाग में कार्यरत पदाधिकारी को अपने पद से त्याग पत्र देना पडे़गा। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी ने खादी की शुरुआत कर विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार कर खादी को अपनाने की सलाह दी थी।
उसी के परिणामस्वरूप संपूर्ण भारतवर्ष गांधी द्वार बताए पदचिह्नों पर चलकर स्वतंत्रता आंदोलन में गांधी के साथ कंधे से कधा मिलकार चला।
आजादी के आंदोलन में खादी की भूमिका को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि खादी व ग्रामोद्योग कार्यक्रम के तहत देशभर में दो लाख गांव में तकरीबन 10 लाख 45 हजार लोगों को रोजगार प्रदान किया गया परंतु खादी संस्थाओं की करोड़ों रुपये की राशि खादी ग्रामोद्योग आयोग तथा प्रांतीय स्टेट बोर्डों की भुगतान प्रक्रिया में फंसी होने के कारण कारीगरों को उचित समय पर मेहनताना न मिलने की वजह से आधे कारीगर बेरोजगारों की पंक्ति में खडे़ हो गए हैं।
सैनी ने केंद्र सरकार से अनुरोध करते हुए खादी विभाग पर जो कर्ज है, उसे 832.65 करोड़ रुपये खादी आयोग को देकर उत्तर प्रदेश की तर्ज पर में हस्तकला बुनकरों का 3884.00 रुपए कर्ज समाप्त करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि अगर सरकार द्वारा समय रहते निजीकरण और खादी विभाग की बकाया राशि भुगतान समय रहते नहीं किया गया। तो अगामी 12 मार्च को सभी खादी संस्थाओं द्वारा दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाएगा।