टपराना गांव में स्कूल अपग्रेड की मांग को लेकर मामला गरमाता जा रहा है। शुक्रवार को छात्राएं पांचवें दिन स्कूल के बाहर अनशन पर बैठ गईं। गांव का एक शिक्षक स्वेच्छा से बच्चों को पढ़ा रहा है। छात्राओं का कहना है कि जब तक स्कूल अपग्रेड नहीं हो जाता या कोई जिला अधिकारी उनको लिखित में आश्वासन नहीं देता तब तक वह स्कूल समय तक अनशन पर बैठी रहेंगी। यह छात्राएं समीप लगते गांव टीकरी में पढ़ने जाती थीं। जहां युवकों की छेड़खानी की वजह से परेशान होने के बाद उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय तक सात किलोमीटर वह पैदल गईं थीं। उसके बाद से गांव में लगातार बैठकें चल रही हैं। एसडीएम इंद्री सुमित सिहग और एसडीएम करनाल नरेंद्र पाल मलिक भी गांव पहुंच चुके हैं लेकिन ग्रामीण और छात्राएं अपने गांव के स्कूल को अपग्रेड करवाने की मांग पर अड़े हैं। छात्राएं टीकरी गांव के स्कूल में नहीं जाना चाहती।
शुक्रवार को कमेंट्स से परेशान टपराना गांव की छात्राओं ने आंदोलन तेज कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्कूल अपग्रेड नहीं होता या कोई जिला अधिकारी लिखित में आश्वासन नहीं देता वह अनशन से नहीं उठेंगी। ग्रामीण मनोज का कहना है कि छात्राओं की मांग वाजिब है क्योंकि जब वह टीकरी गांव में पढ़ने के लिए जाती हैं तो वहां के शरारती तत्व छेड़खानी करते हैं और उनका रास्ता रोकते हैं। इस कारण छात्राएं और ग्रामीण गांव के मिडिल स्कूल को अपग्रेड कर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही है। अधिकारी गांव में आते हैं और कहते हैं कि उनकी मांग 18 दिन में पूरी हो जाएगी, लेकिन लिखित में आश्वासन देने के लिए कोई भी अधिकारी नहीं दे रहा है। यदि प्रशासन व सरकार ने दो दिन तक उनकी मांगे पूरी नहीं की तो वह सोमवार को गांव का मिडिल स्कूल भी बंद करवा देंगे। धरने को युवा बोलेगा मंच के प्रदेशाध्यक्ष जेपी शेखपुरा ने टीम से साथ पहुंचकर छात्राओं को समर्थन दिया।