बीडीपीओ कार्यालय में 23 पंचायतों का रिकॉर्ड जलाने के मामले में 22 दिन
बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई खुलासा नहीं करने से गुस्साए
सामाजिक संस्था युवा बोलेगा मंच ने प्रदर्शन किया।
बीडीपीओ कार्यालय का
घेराव कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। संस्था के सदस्य करीब तीन घंटे तक
कार्यालय के दरवाजे पर डटे रहे। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच
गया। पुलिस ने सामाजिक संस्था के लोगों को शीघ्र मामले का पटाक्षेप करने का
आश्वासन देकर धरने से उठाया।
2 अगस्त की रात को शरारती तत्वों ने बीडीपीओ
कार्यालय में रखे लगभग 37 पंचायतों का रिकॉर्ड आग के हवाले कर दिया था।
इसमें लगभग 23 पंचायतों का रिकॉर्ड जलकर स्वाह हो गया था। इस मामले में
बीडीपीओ ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दे थी। शिकायत मिलने के
बाद पुलिस ने जांच का जिम्मा एएसआई भूपेंद्र सिंह को सौंप दिया था, लेकिन
जांच सौंपने के दूसरे दिन ही जांच अधिकारी का तबादला हो गया था। मामले का
खुलासा न होने पर शहर के लोगों व सामाजिक संस्था के लोगों में पुलिस व
बीडीपीओ अधिकारियों के प्रति रोष है।
विभाग के अधिकारियों पर उठे सवाल
मंच
के पदाधिकारी लगभग तीन घंटे तक कार्यालय में डटे रहे और मामले का खुलासा
कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की। युवा बोलेगा मंच के पदाधिकारियों
ने कहा कि 23 पंचायतों का रिकॉर्ड जले लगभग 22 दिन बीत जाने के बाद मामले
का खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर
प्रश्नचिन्ह लग रहा है। उन्होंने चेताया कि अगर मामले का जल्द पटाक्षेप
नहीं हुआ तो वे दोबारा धरना देने से पीछे नहीं हटेंगे। बीडीपीओ कार्यालय
में धरने की सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को
शीघ्र मामले को सुलझाने का आश्वासन देकर शांत किया। इस बारे में एएसआई
रविंद्र ने बताया कि इस मामले की जांच थाना प्रभारी ललित कुमार कर रहे हैं।
जल्द मामले का खुलासा कर दिया जाएगा