फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आठ साल बाद मेडिकल कालेज को मिला न्यूरो सर्जन

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना महामारी के दौर में करनाल के लोगों के लिए एक राहतभरी खबर है। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज को आखिरकार न्यूरो सर्जन मिल गया है। डा. अनुज छाबड़ा ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद सोमवार को ओपीडी में बैठे।
विज्ञापन

कल्पना चावला मेडिकल कालेज वर्ष 2012 में स्थापित हुआ था। कालेज के नये भवन में तीन साल पहले इसे शिफ्ट किया गया था। शुरू से ही मेडिकल कालेज में न्यूरो सर्जन का पद खाली चल रहा था। तमाम प्रयास करने के बावजूद कोई भी सर्जन यहां आने को तैयार नहीं हुआ। ऐसे में सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायलों को या तो रोहतक या फिर चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया जाता था, या फिर उसे निजी अस्पताल में महंगा इलाज लेना पड़ता था। कालेज प्रबंधन की ओर से किये जा रहे प्रयास के बाद अब न्यूरो सर्जन डा. अनुज छाबड़ा ने ज्वाइन किया है। करनाल में न्यूरो सर्जन की सेवाएं शुरू होने के बाद यहां के मरीजों का काफी लाभ मिलेगा और उन्हें इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। विदित हो कि इमरजेंसी में सेवाओं के लिए मेडिकल कालेज में निजी न्यूरो सर्जनों से अनुबंध किया गया है।
न्यूरो सर्जरी विभाग के लिए मांगे उपकरण
कल्पना चावला मेडिकल कालेज प्रबंधन की ओर से न्यूरो सर्जरी विभाग को चालू कराने और यहीं पर न्यूरो के आपरेशन चालू कराने के प्रयास शुरू कर दिये हैं। कालेज प्रबंधन ने इसके लिए प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि जरूरी उपकरण उपलब्ध कराएं। बताया जाता है कि प्रदेश के एक अन्य मेडिकल कालेज में सर्जरी के उपकरण तो हैं, लेकिन वहां पर डाक्टर नहीं है। इसलिए अगर वो उपकरण वहां से यहां पर लाएं जाएं तो यहां पर मरीजों के आपरेशन भी किये जा सकेंगे। हालांकि, ये देखने वाली बात होगी कि इसमें कितना समय लगेगा।
विज्ञापन

मेेडिकल कालेज के लिए बड़ी बात : निदेशक
कल्पना चावला मेडिकल कालेज के निदेशक डा. जगदीश चंद्र दुरेजा का कहना है कि मेडिकल कालेज के लिए यह बड़ी बात है कि यहां पर न्यूरो सर्जन की सेवाएं मिल सकेंगी। ओपीडी में तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 312 उनको अलाट किया गया है। इसके लिए वैसे तो सोमवार और वीरवार का दिन तय किया गया है। फिलहाल वे रूटीन में आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें