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जल बचाओ देश का बड़ा अभियान, इसे मजाक में न लें अधिकारी

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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संयुक्त सचिव तथा करनाल जिले के लिए जल शक्ति अभियान की प्रभारी अधिकारी रेखा शुक्ला ने गुरुवार को लघु सचिवालय में आयोजित एक बैठक में जल संरक्षण के लिए व्यवहारिक होकर काम करने की नसीहत देकर अधिकारियों को झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि जल बचाओ देश का एक बड़ा अभियान है, इसे मजाक में न लें, स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और सरकारी तंत्र इस मुहिम से जुड़कर जनता को जागरूक करने में लगे हैं।
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केंद्रीय संयुक्त सचिव एवं अभियान की नोडल अधिकारी ने बैठक में बीती एक जुलाई से अब तक करनाल जिले में जल संरक्षण के लिए की जा रही गतिविधियों की समीक्षा के दौरान कहा कि करनाल जिला में उनके भ्रमण के बाद जो कुछ भी देखा गया है। हालांकि, उसमें तालाबों का सुधारीकरण, पौधा रोपण और गांव-गांव में सोख्ता गड्ढा के कार्य सराहनापूर्ण है, लेकिन अभी बहुत कुछ करना है उन्होंने इस बात पर जोर दिया की जल बचाने के लिए ड्रिप इरिगेशन को बढ़ावा दें।
समीक्षा बैठक में उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि उक्त अवधि में जिला में जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टर के करीब 200 कार्य पूरे हो गए हैं, जबकि शेष कार्य प्रगति पर चल रहे हैं, आगामी 15 सितंबर तक लगभग सभी लक्ष्य पूरे कर लेने की उम्मीद है। इसके पश्चात, अतिरिक्त उपायुक्त अनिश यादव ने अभियान से जुड़े सभी घटकों पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों से उनकी प्रगति ली।
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वन मंडल अधिकारी बिजेंद्र अहलावत ने बताया कि वनीकरण कार्यक्रम के तहत, वन विभाग, मनरेगा, पंचायती भूमि और स्कूल और सामुदायिक परिसरों अब तक करीब 4 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं, सितंबर माह के अंत तक 50 हजार पौधे और लगाए जाएंगे। पंचायती राज विभाग के अधीक्षक अभियंता रामफल ने बताया कि अभियान के तहत जिला के विभिन्न खंडों में थ्री पौंड व फाइव पौंड सिस्टम से तालाबों को सुधारा गया है, कई गांव में तालाबों पर खुबसूरत पार्क विकसित किए गए हैं।
कृषि विभाग के उप निदेशक आदित्य डबास ने बताया कि जल ही जीवन कार्यक्रम के तहत कृषि विज्ञान केंद्र मेलों में गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पानी बचाने के लिए कृषि विविधिकरण के तहत 300 एकड़ में मक्के की फसल की बिजाई की गई।
जल संचय के लिए 67 गांव चिह्नित
भू एवं जल संरक्षण विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिला में 67 गांव में जगह चिह्नित की गई है, इनके माध्यम से रिस-रिस कर जमीन में जाएगा। इसी प्रकार जल संग्रहण विकास परियोजनाओं के तहत पर्कुलेशन टेंक भी बनाए गए हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि उनकी नलों पर टूंटियां लगवाई जा रही हैं। बैठक में हरियाणा तालाब व अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य तेजिंद्र सिंह तेजी व जल शक्ति अभियान की केंद्रीय तकनीकी अधिकारी खुशबू सहित जल शक्ति अभियान से जुड़े विभिन्न विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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