गेहूं की आवक में तेजी आने से शासन व प्रशासन के इंतजाम कम पड़ गए। परिणाम यह हुआ कि बारदाना नहीं मिलने के कारण मंडी में खरीद को रोकना पड़ा। इस दौरान मंडी में गेहूं के अंबार लग गए। बारदाने को लेकर आढ़तियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि 48 घंटे में सरकार के लिफ्टिंग के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार नई अनाज मंडी में लगभग छह लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। मंडी में बारह लाख कट्टों की जरूरत है अभी तक आढ़तियों को सिर्फ नौ लाख कट्टे बारदाना मिला है। मंडी में खरीद कर रही तीन एजेंसियों में हैफेड जूट के बारदाने में खरीद कर रही है जबकि वेयर हाउस व डीएफएससी ने प्लास्टिक के कट्टे भेजे हैं। आढ़ती नीरज कुमार, अशोक कुमार, पवन गुप्ता, विनीत कुमार व अन्य ने कहा कि बारदाना नहीं मिलने के कारण मजबूरन तोल को बंद करना पड़ा है। किसान लगातार उपज लेकर आ रहे हैं, जिससे गेंहू के ढेर बढ़ते जा रहे है। आढ़तियों ने कहा कि खुले आसमान के नीचे हजारों क्विंटल गेहूं पड़ा हुआ है। खराब हुआ तो भारी नुकसान हो सकता है।
कड़े नियम भी नहीं सुधार पाए लिफ्टिंग की व्यवस्था
-मंडी से गेहूं की लिफ्टिंग को लेकर बनाए गए कड़े नियम भी लिफ्टिंग व्यवस्था को सुधार नहीं पाए। दावे के विपरीत स्टाक को 48 घंटे बाद भी उठाया नहीं जा रहा। पांच लाख से अधिक गेहूं के कट्टे मंडी में पड़े होने से किसानों को ट्राली खाली करने व मजदूरों को तुलाई करने की जगह नहीं मिल रही। हालांकि अधिकारियों का कहना कि लिफ्टिंग में देरी के लिए ट्रांसपोर्टर पर नियम अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
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वर्जन-
-स्टेट वेयर हॉउस व डीएफएसई के बारदाने की कमी है जिस वजह से आढ़तियों को दिक्कत आ रही है। मंडी में आवक तेज है, बारदाना नहीं मिलने के कारण आढ़तियों को तोल बंद करना पड़ा है। खरीद एजेंसियों के जल्द बारदाना उपलब्ध करवाने को कहा है।
-सुरेश मित्तल, सचिव मंडी एसोसिएशन
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वर्जन-
बारदाने की कमी को पूरा करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। सॉफ्टवेयर में कमी के कारण लिफ्टिंग की प्रक्रिया धीमी हुई है। जल्द ही लिफ्टिंग में तेजी आएगी।
-जोगिंदर सिंह मैनेजर स्टेट वेयर हाउस
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वर्जन-
इस बार बारदाने का टेंडर देरी से हुआ था, जिस कारण पूरे राज्य में बारदाने की कमी हुई है। आगामी एक दो दिन में बारदाना मंडियों में पहुंच जाएगा। करीब पचास प्रतिशत लिफ्टिंग हो चुकी है, उठान में देरी करने वाले ट्रांसपोर्टर से जुर्माना वसूला जाएगा।
-निशांत राठी डीएफएससी करनाल
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