करनाल। एनसीईआरटी की किताबों में कमी बताकर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लगवाने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी। प्रदेश सरकार ने इसके लिए तैयारी कर ली है। विशेष रूप से इसकी जांच कराने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। जो कि स्कूलों द्वारा लगाई गई किताबों को चेक करेगी और यह मिलान किया जाएगा कि एनसीईआरटी की किताबों से यह कितनी अलग हैं। जिन स्कूलों के एनसीईआरटी की किताबों में कमी के दावे गलत मिलेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
करनाल पहुंचे शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बातचीत में कहा कि कुछ स्कूलों की ओर से उन्हें सुझाव या शिकायत मिली है कि एनसीईआरटी की किताबों में शब्दावली कठिन है। इसलिए वे निजी प्रकाशकों की कुछ किताबें लगवा रहे हैं। इसकी अब जांच की जाएगी कि क्या निजी प्रकाशकों की किताबें लगवाने की जरूरत है भी या नहीं। उन्होंने कहा कि यही गड़बड़ है कि एनसीईआरटी की जो किताब 50 रुपये की है, वैसी ही निजी प्रकाशकों की पुस्तक 350 रुपये की है। यह लूट नहीं चलने देंगे। जल्द इस पर जांच के बाद निर्णय लेंगे। ब्यूरो
स्कूलों में जल्द आएगा नया फर्नीचर
प्रदेश के कई स्कूलों में फर्नीचर की कमी है। सरकार इस कमी को पूरा करेगी। ताकि सर्दी में बच्चे दरी या टाट पर बैठकर कक्षाएं न लगाएं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि नए फर्नीचर खरीद के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। इस बार राजकीय स्कूलों की कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को किताबें भी मिलेंगी। इसकी भी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए वे एक दिन पहले ही आदेश जारी कर चुके हैं। अब डीईओ और डीईईओ को ही स्कूलों के सरप्लस शिक्षकों को इधर-उधर करने की पावर दी है।
पंजाब सरकार पर साधा निशाना
शिक्षामंत्री ने पंजाब सरकार और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जो भी कर रही है, वो केवल बयान है। हम नियम बनाते हैं। हरियाणा में कोई भी स्कूल पांच प्रतिशत से ज्यादा फीस बढ़ोतरी और पांच साल से पहले वर्दी का रंग नहीं बदल सकता। ऐसा हमने नियम बनाया है। वहीं पंजाब में विधायकों की एक पेंशन के सवाल पर बोले, आप की सरकार दिल्ली में है, यह नियम वहां पर क्यों नहीं लागू किया गया।