संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। झूठी शिकायत देकर केस दर्ज कराने वालों पर पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई की है। जिले के विभिन्न थानों में 77 झूठे मामले व शिकायत पाई गईं। जिसमें 80 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए न्यायालय में परिवाद पेश किया गया है। इनमें 40 महिलाएं और 40 पुरुष शामिल हैं। इनमें ज्यादातर दुष्कर्म, छेड़छाड़, झगड़े व छीना झपटी करने जैसी शिकायतें व मामले शामिल हैं। इससे पहले अप्रैल में भी पुलिस की जांच में 20 मामले व शिकायतें झूठी पाई गई।
इनमें 23 आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए न्यायालय में परिवाद पेश किया गया है। इन मामलों में 15 महिला व आठ पुरुष आरोपी शामिल थे। इसके अलावा करनाल पुलिस को जांच में अप्रैल के अंतिम दिनों में 55 मामले व शिकायतें झूठी मिली थी, इनमें 57 आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय में परिवाद पेश किए गए हैं। इनमें 39 महिला व 18 पुरुष आरोपी शामिल हैं। यह कार्रवाई धारा 182 आईपीसी के प्रावधानों के तहत की गई है।
ये है धारा 182 आईपीसी और दंड का प्रावधान
जब कोई व्यक्ति किसी सरकारी अधिकारी या पुलिस अधिकारी को ऐसी झूठी सूचना देता है जो कि सही नहीं है और वह सरकारी अधिकारी उसे सही मानकर कार्रवाई कर दे और किसी अन्य व्यक्ति को क्षति या नुकसान हो जाए या होने की संभावना हो। तब ऐसी सूचना देने वाला व्यक्ति इस धारा के अंतर्गत दोषी माना जाएगा। इस धारा के तहत झूठी शिकायत देने वाले के लिए सजा का प्रावधान किया गया है। इसके तहत ऐसे व्यक्ति को न्यायालय द्वारा छह महीने तक का कारावास या एक हजार रुपये जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।
किस थाने में कितने लोगों पर कार्रवाई
- थाना मधुबन : छह मामलों में सात के खिलाफ
- थाना सदर : आठ मामलों में आठ के खिलाफ
- थाना मूनक : तीन मामलों में तीन के खिलाफ
- थाना घरौंडा : तीन मामलों में तीन के खिलाफ
- थाना इन्द्री : आठ मामलों में आठ के खिलाफ
- थाना निसिंग : छह मामलों में सात के खिलाफ
- थाना कुंजपुरा : चार मामलों में चार के खिलाफ
- थाना रामनगर : पांच मामलों में पांच के खिलाफ
- थाना तरावड़ी : दो मामलों में दो के खिलाफ
- थाना शहर : चार मामलों में चार के खिलाफ
- थाना असंध : चार मामलों में चार के खिलाफ
- थाना निगदू : तीन मामलों में तीन के खिलाफ
- थाना सेक्टर-32/33 : तीन मामलों में तीन के खिलाफ
- महिला थाना करनाल : छह मामलों में छह के खिलाफ
- थाना बुटाना : चार मामलों में चार के खिलाफ
- थाना सिविल लाइन : दो मामलों में तीन के खिलाफ
- महिला थाना असंध : पांच मामलों में पांच के खिलाफ