करनाल। पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने वाले अखिल चौहान मामले में वीरवार रात को थाना सिविल लाइन माल रोड से गिरफ्तार किए गए आरोपी और मामले के सबसे मुख्य धुरी समझे जाने वाले एएसआई रामभजन वर्मा को शुक्रवार को सिविल जज (जूनियन डिवीजन) अजय कुमार की अदालत में पेश किया गया। एसआईटी ने अदालत से रामभजन का दो दिन का रिमांड मांगा था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
आरोपी एएसआई की गिरफ्तारी से पुलिस को इस मामले में कई पहलू सुलझने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि एएसआई को कई अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी हो सकती है।
दिल्ली में छिपा है अजय वर्मा!
एसआईटी ने अदालत में रामभजन वर्मा का रिमांड मांगते हुए दलील दी कि उसे आरोपी अजय वर्मा की लोकेशन का पता हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि वह दिल्ली में कहीं छिपा हुआ है। एसआईटी का मानना है कि रामभजन वर्मा को अजय वर्मा के ठिकानों के बारे में जानकारी है। उससे पूछताछ में अजय वर्मा की गिरफ्तारी का रास्ता खुल सकता है।
औरंगाबाद कैसे पहुंचा रामभजन वर्मा का मोबाइल
आरोपी एएसआई रामभजन वर्मा को एसआईटी ने वीरवार देर शाम माल रोड करनाल से गिरफ्तार किया। शुरुआती पूछताछ में उसने एसआईटी को बताया कि उसका मोबाइल यमुनानगर जिले के औरंगाबाद कस्बे में है।
इससे स्पष्ट है कि रामभजन वर्मा ने पुलिस को गुमराह करने के लिए या तो अपना मोबाइल औरंगाबाद भेज दिया था या फिर वह झूठ बोल रहा है। बहरहाल एसआईटी ने मोबाइल बरामदगी के लिए रामभजन वर्मा को दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।
वर्मा के चेहरे पर कुटिल मुस्कान
अदालत में जाते और निकलते हुए और पुलिस की जिप्सी में बैठे हुए भी एएसआई रामभजन वर्मा के चेहरे पर कुटिल मुस्कान खेलती रही। उससे जब उस पर लगे हुए आरोपों के बारे में उससे पूछा गया तो उसने कहा कि वह निर्दोष है और उसे जानबूझकर फंसाने के लिए आरोप लगाए गए हैं।
प्रताड़ना का मुख्य आरोपी है वर्मा
एएसआई रामभजन वर्मा अखिल चौहान और उसके परिवार को प्रताड़ना करने का मुख्य आरोपी है। अखिल के पिता बलवान सिंह, मामा नरेश ने कहा कि रामभजन वर्मा ही उनके घर पर रात को रेड करके प्रताड़ित किया करता था। 14 जनवरी को प्रिया की शिकायत पर अखिल के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज करते हुए रामभजन वर्मा ने अपनी टीम में महिला पुलिस कर्मचारियों को साथ लेकर इसी रात अखिल के घर रेड की थी।