संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। साइबर अपराध के लगातार बढ़ते मामलों के बीच करनाल जिले में जागरूकता और त्वरित शिकायत लोगों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रहा है। बीते एक साल में साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों ने 24 घंटे के भीतर 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल कर 3 करोड़ 41 लाख 80 हजार 144 रुपये ठगों के हाथ लगने से पहले होल्ड करवा दिए। साइबर पुलिस ने वर्ष 2025 में कुल 62 मामलों को सुलझाकर 147 आरोपियों की गिरफ्तारी की है, इनमें 114 आरोपियों को विभिन्न राज्यों के हैं।
साइबर थाना के आंकड़ों के अनुसार एक साल में हुई कुल साइबर ठगी की राशि 14 करोड़ 32 लाख 36 हजार 764 रुपये में से 23.91 प्रतिशत रकम को होल्ड कर सुरक्षित किया गया। साइबर विशेषज्ञ मुकेश कुमार का कहना है कि जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होती है, उतनी ही अधिक संभावना रहती है कि रकम ठगों तक पहुंचने से पहले रोक ली जाए। साइबर ठगी के बाद अब भी कई लोग शर्म या जानकारी के अभाव में देर से शिकायत करते हैं जिससे रकम वापस मिलना मुश्किल हो जाता है। साइबर ठगी हो जाए तो घबराने के बजाए तुरंत 1930 पर कॉल करें और संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
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साइबर ठगों से भी वसूले 1.70 करोड़ रुपये
1930 पर कॉल के माध्यम से होल्ड की गई राशि के अलावा साइबर थाना करनाल ने जांच और फॉलोअप के जरिए पीड़ितों को 1 करोड़ 69 लाख 92 हजार 537 रुपये ठगों से वापस दिलाए हैं। यह राशि उन मामलों की है, जिनमें रकम पहले ही खातों से निकल चुकी थी लेकिन तकनीकी जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बरामदगी संभव हो सकी।
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सतर्कता है जरूरीसाइबर ठग ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग, टास्क पूरा करने के नाम पर, रुपये कमाने का झांसा देकर, फर्जी एप, आरटीओ चालान, विदेश से रिश्तेदार बनकर, डॉट एपीके शादी कार्ड या फाइल, क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर लोगों को ठगते हैं। केवाईसी अपडेट या बैंकिंग कार्य के नाम पर धोखाधड़ी की जाती है। वर्ष 2025 में दो मामले डिजिटल अरेस्ट के दर्ज हुए हैं।
साइबर थाना पुलिस लगातार लोगों को जागरूक करती है। ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करके शिकायत करें। ताकि ठगी राशि को होल्ड करवाया जा सके। -संजय कुमार, प्रभारी, साइबर थाना करनाल