माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। वार्ड-6 के अंतर्गत आने वाली मंगल कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी और बांसों गेट क्षेत्र में 40 साल पुरानी जर्जर सीवर लाइन पूरी तरह ब्लॉक हो चुकी है, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैलने लगा है। नालियों से निकलने वाली बदबू और मच्छरों के प्रकोप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। लोगाें का कहना है कि सीवर जाम की समस्या अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि नगर निगम को रोजाना 15 से 20 शिकायतें भेजी जा रही हैं। कई बार अधिकारी मौके पर पहुंचते हैं लेकिन मशीनों से सफाई के बाद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
हालात यह हैं कि गंदा पानी गलियों में भरा रहता है और बारिश के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। ठप होती निकासी के मामले को लेकर स्थानीय पार्षद भी कई बार नगर निगम अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल सका है। जनप्रतिनिधि भी लगातार निगम को पत्र भेज रहे हैं पर सीवरेज लाइन की मरम्मत या नई लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं हो पाया।
दो किलोमीटर सीवर लाइन के प्रस्ताव पास
पार्षद अंकित ने बताया कि उन्होंने डेहा बस्ती से मंगल कॉलोनी तक करीब 900 मीटर लंबी मुख्य सड़क की सीवर लाइन बिछाने का प्रस्ताव निगम सदन से पास करवाया था। इसके अलावा मंगल कॉलोनी से चांद सराय तक दो किलोमीटर नई सीवर लाइन डालने का भी प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। इस परियोजना के लिए करीब सवा दो करोड़ रुपये का अनुमानित बजट भी तैयार किया गया है लेकिन अब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से इसका कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है।
दूसरी ओर निगम अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित सीवर लाइन प्रोजेक्ट को जल्द शुरू किया जाएगा। बजट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और टेंडर प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों का दावा है कि नए सीवर लाइन प्रोजेक्ट से इन सभी इलाकों की निकासी समस्या स्थायी रूप से दूर हो जाएगी।