इंद्री। घीड़-चांदसमंद मार्ग पर शुक्रवार को सड़क निर्माण का काम कर रहे तीन लोगों की ट्यूबवेल की हौदी में उतरने से जहरीली गैस से मौत हो गई। मृतकों में दो यूपी के बदायूं जिले के निवासी है। पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, तहसीलदार और थाना इंद्री प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली और शवाें को बाहर निकलवाने का कार्य तेज कराया। शवों को बाहर निकालने का कार्य शुक्रवार देर शाम तक जारी रहा। तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है। कुंजपुरा थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिला निवासी 40 वर्षीय अबरार, 25 वर्षीय बुधन उर्फ साजिद और पश्चिम बंगाल के शंकर लाल के पुत्र 14 वर्षीय राजेश की जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। मौके पर पहुंचे एसपी शशांक आनंद, एसडीएम मुकुल कुमार, तहसीलदार हरिओम अत्री और थाना कुंजपुरा प्रभारी मनोज कुमार ने शवों को हौदी से बाहर निकलवाया। मजदूर घीड़-चांदसमंद मांग पर मरम्मत का काम कर रहे थे। दोपहर के समय सभी मजदूर एक ट्यूबवेल पर पहुंचकर आराम कर रहे थे। 14 वर्षीय किशोर राजेश खेल रहा था कि उसकी चप्पल हौदी में जा गिरी। चप्पल को निकालने के लिए राजेश खुद ही 20 फुट गहरी हौदी में नीचे उतर गया। कुछ देर तक जब वह वापस नहीं निकला तो उसे निकालने के लिए 40 वर्षीय अबरार हौदी में उतर गया, परंतु वह भी नहीं निकल पाया। इसके बाद 25 वर्षीय बुधन उर्फ साजिद नीचे उतरा और नीचे ही रह गया। इसके पश्चात वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति को घटना की जानकारी लग गई। मजदूराें को निकालने के लिए ग्रामीणों को सूचित किया गया, परंतु सभी प्रयास असफल रहे। अधिकारियों ने कडे़ प्रयासों के बावजूद शवों को बाहर निकाला। बाहर निकालने के बाद जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। शवों का पोस्टमार्टम कल्पना चावला स्थित पोस्टमार्टम हाउस में शनिवार को किया जाएगा। इंद्री हलके में जहरीली गैस से मरने की एक दिन में यह दूसरी घटना है। तहसीलदार हरिओम अत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में किसान बिना चेक करे हौदी में न उतरे। गर्मी के मौसम में इस तरह की घटनाएं ज्यादा होती हैं। कोई भी काम करने से पूर्व गैस का पता लगाए।
फायर ब्रिगेड ने खत्म की गैस
हौदी में गैस इतनी ज्यादा थी कि चूना डालने से भी खत्म नहीं हुई। ग्रामीणों और अधिकारियों ने हौदी की गैस खत्म करने के लिए कई तरीके अपनाए, परंतु सभी असफल रहे। इसके पश्चात फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर बुलाई गई। फायर ब्रिगेड ने जहरीली गैस के असर को खत्म किया गया और शवों को बाहर निकाला गया।