करनाल। पाकिस्तानी जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर हुए कातिलाना हमले के विरोध में निफा के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और कमेटी चौक पर पाकिस्तान सरकार का पुतला जलाया। निफा अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नु ने कहा कि इस घृणित हमले से पाकिस्तान का दोहरा चरित्र सामने आ गया है। जो एक तरफ तो दिखावे के लिए दोस्ती का हाथ बढ़ाता है और दूसरी तरफ पीठ पर वार करता है। उन्होंने कहा कि सरबजीत पर हुए हमले से यह बात साबित हो गई है कि पाकिस्तान पर भरोसा किसी भी सूरत में नहीं किया जा सकता है। पन्नु ने कहा कि पूरी दुनिया के सामने यह साबित हो चुका है कि सरबजीत निर्दोष है। उन्होेंने कहा कि पाकिस्तान सरकार के इशारे पर सोची-समझी साजिश के तहत सरबजीत पर हमला कराया गया। पन्नु ने कहा कि जब सरबजीत द्वारा भेजे गए एक पत्र से यह बात पाकिस्तान और भारत की सरकार को पता लग चुकी थी कि उसकी जान को खतरा है तो इतना संवेदनशील मुद्दा होने के बावजूद सरबजीत की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध क्यों नहीं किए गए। निफा ने देशवासियाें की सुरक्षा करने में नाकाम रहने पर भारत सरकार को भी आड़े हाथों लिया। निफा ने मांग की कि सरबजीत को तुरंत भारत भिजवाने का प्रबंध किया जाए और भारत सरकार खुद उसका इलाज कराए। निफा सदस्यों ने सरबजीत की जान की सलामती के लिए प्रार्थना भी की।
इस मौके पर कृष्णलाल तनेजा, परमजीत सिंह आहूजा, परमिंदर पाल सिंह, जसविंदर सिंह बेदी, मंजीत सिंह, प्रदीप मैहला, वीपिन पोसवाल, मोहित मराठा, गौरव शर्मा, विकास शर्मा, नौनीत वर्मा, हितेष गुप्ता और विकास कांबोज मौजूद रहे।