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शिकायतकर्ता के खिलाफ कोर्ट में केस

Sun, 28 Apr 2013 05:30 AM IST
Karnal
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करनाल। भ्रष्टाचार में आरोपी को पकड़वाने के बाद बयान से मुकरने वालों के खिलाफ स्टेट विजिलेंस ने कड़ा रुख अपना लिया है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए विजिलेंस कोर्ट का दरवाजा खटखटा रही है। शनिवार को ऐसी ही मामले में विजिलेंस ने अदालत में एक शिकायतकर्ता के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि उसने पहले तो शिकायत देकर रिश्वत लेते हुए एक अधिकारी को काबू कराया और अब बयान से मुकर रहा है।
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विजिलेंस के निरीक्षण सतनारायण का कहना है कि ऐसा करने से आरोपी को लाभ मिलता है और वह बच निकलते हैं। अब विजिलेंस ऐसा नहीं होने देगी। सतनारायण ने बताया कि औंगद गांव के विनोद कुमार ने 12 मार्च, 2011 को स्टेट विलिजेंस मेें शिकायत की थी कि खादी ग्रामोद्योग का इंस्पेक्टर हरिचंद उसका लोन पास करने के एवज में दो हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। विजिलेंस ने डीसी से अनुमति लेकर टीम का गठन किया। इसमें जिला बाल कल्याण अधिकारी अमरनाथ नरवाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था और बाल कल्याण कार्यालय के कर्मचारी कर्ण कांबोज को शेडो गवाह बनाया गया था। हरिचंद को दो हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट में दायर केस में विजिलेंस ने कहा है कि हरिचंद को पकड़वाने से पहले विनोद ने अपने हाथ से लिखकर शिकायत दी थी। इसके बाद दफा 161 के तहत अपना बयान दर्ज कराया और अगले दिन न्यायाधीश के सामने अपने 164 के बयान दर्ज कराए। न्यायाधीश के सामने भी विनोद ने बयान दिया था कि हरिचंद ने उससे पैसे लिए हैं।
फिर भी दो साल की कैद
इसके बाद अदालत में ट्रायल के दौरान विनोद बयान से मुकर गया। उसके मुकरने के बाद भी न्यायाधीश ने हरिचंद को दो साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। सत्यनारायण ने कहा है कि शिकायत करने के बाद लोग मुकर जाते हैं। ऐसा कर वे कानून का इस्तेमाल करते हैं जो सरासर गलत है। ऐसे लोगों की सूची बनाई गई है। फिलहाल विनोद के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया गया है।
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