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न्याय के लिए सड़क पर उतरे लोग

Tue, 02 Apr 2013 05:30 AM IST
Karnal
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करनाल। करीब एक साल पहले नीलोखेड़ी के गांव जांबा में हुई वृद्ध दंपति की हत्या के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। गांव के सरपंच पर दंपति की हत्या करने का आरोप है। अहेरिया समाज के लोग भारतीय किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले सड़क पर उतरे और प्रदर्शन कर इस मामले में कार्रवाई की मांग की। भारतीय खेत मजदूर यूनियन की जिला शाखा ने भी प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों ने जिला सचिवालय पहुंचकर दोहरे हत्याकांड मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए एडीसी डॉ. चंद्रशेखर को डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा। एसपी को भी ज्ञापन सौंपा।
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शहर के कर्ण पार्क में महिलाएं और पुरुष जमा हुए और जिला सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है। एक साल बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिला है। गांव के सरपंच को अभी तक पकड़ा नहीं गया है।
भारतीय किसान मोर्चा के अध्यक्ष वासुदेव ने कहा कि 21 मई, 2012 को दंपति की हत्या की गई थी। अभी तक आरोपी पकडे़ नहीं गए हैं और मामला दबाया जा रहा है। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। हर हाल में न्याय हासिल करके रहेेंगे। आरोपियों को जेल भिजवाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। दूसरी ओर भारतीय खेत मजदूर यूनियन के अध्यक्ष कामरेड जगमाल सिंह ने कहा इस मामले में राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और जनजाति आयोग नई दिल्ली, महिला आयोग को शिकायत पत्र भेजा गया है। इस अवसर पर माकपा नेता कामरड हरीश बागी, जिला कमेटी सदस्य विजय, माकपा जिला सचिव जगमाल सिंह ने जांबा गांव के पीड़ित पक्ष के लोगों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया।
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2012 में हुई थी हत्या
अहेरिया समाज के दंपति अजमेरी और बालकिशन की 21 मई, 2012 को हत्या कर दी गई थी। दंपति के बेटे प्रार्थी रमेश कुमार ने मौके पर बयान दर्ज कराए हैं। पीड़ित रमेश ने बताया कि उनकी माता अजमेरी देेवी का शव आपत्तिजनक हालत में जोहड़ में पड़ा था। पिता बालकिशन के चेहरे और सिरपर तेजधार हथियार से वार किया हुआ था। जिनकी नीलोखेड़ी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी। कत्ल से दो ढाई माह पहले सरपंच ने गरीब लोगों के पंचायत की जमीन पर बने मकान गिराए थे। रमेश के माता-पिता उन्हीं खंडहर मकानों में रह रहे थे।
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