वीरेंद्र मराठा कल दिल्ली में करेंगे एकता शक्ति पार्टी का कांग्रेस में विलय
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। एकता शक्ति पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष वीरेंद्र मराठा 24 मई को दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में हुड्डा निवास पर अपनी पार्टी का कांग्रेस पार्टी में विलय करेंगे। मराठा के साथ उनके हजारों कार्यकर्ता भी कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। यह जानकारी वीरेंद्र मराठा ने स्थानीय एक होटल में पत्रकारों से साथ बातचीत में कही। वीरेंद्र
मराठा ने कहा कि पार्टी के विलय के बाद 3 जून को भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में समालखा में होने वाली जनक्रांति रथयात्रा रैली में उनके समर्थक भाग लेंगे। इस अवसर पर पार्टी के उपप्रधान जीत सिंह झींडा, महासचिव जयनारायण शर्मा, पूर्व विधायक रिसाल सिंह, किसान मोर्चा अध्यक्ष कृष्ण हैबतपुर, खेल एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रभारी रामकुमार पीटीआई, सचिव निशान सिंह, महासचिव रघुवंत कश्यप, कोषाध्यक्ष अजमेर सिंह, अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के हरीश तंसर, मीडिया प्रभारी प्रवीन खत्री, युवा प्रदेशाध्यक्ष पवन मंजूरा, करनाल जिलाध्यक्ष एडवोकेट नरेंद्र चौधरी, पानीपत जिलाध्यक्ष राजबीर चोपड़ा, डां. मांगेराम, डॉ. परमाल सिंह, मेवा सिंह बस्तली सहित अन्य मौजूद रहे।
पार्टी जहां से चाहेगी वहीं से लडूंगा चुनाव
एक सवाल के जवाब में वीरेंद्र मराठा ने कहा कि इससे पहले वे भाजपा व बसपा में जा चुके हैं, लेकिन वहां पर उनके साथ धोखा हुआ। अब वे अंतिम बार कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं और कांग्रेस के साथ ही अपनी राजनीति करेंगे। उन्होंने कहा कि वे लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनाव लड़ चुके हैं और उनके पास ख्रासा अनुभव है। अगर पार्टी लोकसभा या फिर विधानसभा का चुनाव कहेगी तो कोई सा भी चुनाव लड़ने को तैयार हैं। अगर पार्टी टिकट नहीं भी देगी तो वे भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा व राहुल गांधी के मार्गदर्शन में काम करेंगे।
एक दर्जन विधानसभा सीटों पर प्रभाव रखते हैं मराठा
बता दें कि वीरेंद्र मराठा ने 2003 में उतरी हरियाणा का मुद्दा उठाकर एकता शक्ति पार्टी का गठन किया था। लगभग एक दर्जन से भी ज्यादा विधानसभा की सीटों पर मराठा समर्थक प्रभावी हैं। असंघ, घरौंडा, नीलोखेड़ी, तरावड़ी, पुंडरी, कैथल, पानीपत समेत विधानसभा को प्रभावित करते हैं। वर्ष-2009 में मराठा ने बसपा की टिकट पर लोकसभा को चुनाव लड़ा था और दूसरा स्थान हासिल किया था। इसके अलावा, वे असंध से भी विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। पिछली बार भी वे असंध से दूसरे स्थान पर रहे थे।