12वीं के बाद 10वीं के परिणाम में भी पिछड़ा करनाल, बेटियों ने रखी लाज
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा सोमवार को 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। इस बार भी लड़कियां लड़कों से सात फीसदी आगे रही हैं। इस बार 12वीं और 10वीं दोनों परीक्षाओं की घड़ी लाडो के हाथों में है। 2016 की तुलना में करनाल दो साल से शिक्षा क्षेत्र में पिछड़ रहा है। इस बार प्रदेश का परिणाम 51.15 फीसदी रहा तो करनाल ने 43.66 प्रतिशत परिणाम के साथ प्रदेश में 17वां स्थान हासिल किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब दो फीसदी बढ़ा है। पिछले साल करनाल का रिजल्ट 41.35 प्रतिशत था और जिला 18वें स्थान पर था। दो फीसदी रिजल्ट बढ़ने पर जिलावासी खुश हैं, लेकिन इस बार भी करनाल के विद्यार्थी प्रदेश स्तर पर करनाल का नाम रोशन नहीं कर पाए हैं। दसवीं कक्षा में जिले के 19604 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 8560 विद्यार्थी पास हुए। यदि लड़कों व लड़कियों की बात करें तो लड़कियां 47.46 प्रतिशत और लड़के 40.17 प्रतिशत पास हुए। इससे साफ जाहिर है कि 2016 की तुलना में करनाल शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ता जा रहा है। 2016 में करनाल दसवीं कक्षा के परिणाम में 15वें स्थान पर था। 2017 में 18वें स्थान पर पहुंच गया था।
इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी सरोजबाला गुर ने बताया कि जिन स्कूलों का परिणाम अच्छा नहीं है, उनसे जवाब-तलब किया जाएगा। साथ ही भविष्य में शिक्षा में सुधार को लेकर प्रयास किए जाएंगे।
कुल विद्यार्थी-19604
पास हुए-8560
प्रतिशत-43.66
कुल लड़के-10209
पास हुए- 4101
प्रतिशत-40.17
कुल लड़कियां-9395
पास हुईं-4459
प्रतिशत-47.46
2016 में 15वें स्थान पर था करनाल
शिक्षा के क्षेत्र में करनाल पिछड़ता जा रहा है। 2016 में दसवीं का रिजल्ट 44.21 प्रतिशत था। जिसमें कुल 15679 विद्यार्थियों में से 6931 पास हुए थे। इसके बाद 2017 में तीन फीसदी रिजल्ट कम हो गया और 41.35 प्रतिशत पर ही रह गया। इसमें भी कुल 17263 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी और 7139 विद्यार्थी पास हुए थे।