माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग खेलों को जमीनी स्तर पर सुधारने के लिए नए सत्र से स्कूलों में खेल नर्सरियों की शुरुआत करने जा रहा है। इसके लिए एक से 20 जनवरी तक निजी स्कूलों और खेल संस्थाओं से आवेदन मांगे गए थे। जिसमें 200 विभिन्न खेलों के लिए 84 आवेदन विभाग को मिले। आवेदन के बाद विभाग के सभी खेलों के प्रशिक्षकों को स्कूलों व खेल संस्थाओं के खेल मैदान के भौतिक सत्यापन व खेल प्रशिक्षकों के दस्तावेज व पात्रता की जांच कर खेल विभाग को 30 जनवरी तक रिपोर्ट देनी है। इसके बाद मुख्यालय स्तर पर आवेदकों की स्क्रूटनी कर आगामी आदेश दिए जाएंगे।
भौतिक सत्यापन के बाद चयनित खेल नर्सरियों को ग्रेड मिलेगा। ए ग्रेड प्राप्त खेल नर्सरी को तीन लाख रुपये, बी ग्रेड को दो लाख रुपये मिलेंगे। जबकि सी ग्रेड प्राप्त खेल नर्सरी को एक साल नर्सरी चलाने का मौका दिया जाएगा। डी ग्रेड प्राप्त खेल नर्सरी अगले सत्र में भी शुरू नहीं होगी।
क्या है ग्रेडिग का प्रारूप
खेल विभाग के सभी खेलों के प्रशिक्षकों को विभिन्न मानकों पर आधारित ग्रेडिंग प्रणाली के तहत जांच रिपोर्ट तैयार करनी है जिसमें आवेदकों के खेल मैदान की सुविधा खिलाड़ियों की सुविधा के साथ ही खेल प्रशिक्षकों की पात्रता को देखते हुए अंकों के आधार पर ए, बी, सी व डी ग्रेड तय हाेंगे।
29 अंक प्राप्त खेल नर्सरी को मिलेगा ए ग्रेड
21 से 28 अंक प्राप्त खेल नर्सरी को मिलेगा बी ग्रेड
17 से 20 अंक प्राप्त खेल नर्सरी को मिलेगा सी ग्रेड
16 या उससे कम अंक प्राप्त खेल नर्सरी को मिलेगा डी ग्रेड
साल में दो बार होगी खेल नर्सरी की इंटर नर्सरी प्रतियोगिताएं
जिला खेल अधिकारी अशोक दुआ ने बताया एक अप्रैल से 31 जनवरी तक चलने वाली खेल नर्सरियों के लिए खेल विभाग द्वारा प्रत्येक खेल की नर्सरी के लिए 30 खिलाड़ियों का चयन होगा जिसमें पांच अतिरिक्त खिलाड़ी रहेंगे। सभी खिलाड़ियों के लिए हर एक माह में 22 उपस्थिति अनिवार्य की गई है। जिससे खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण मिलता रहे। साथ ही प्रत्येक खिलाड़ी को मिलने वाली आठ से 14 आयु वर्ग को 1500 और 15 से 19 आयु वर्ग के खिलाड़ी को दो हजार रुपये की छात्रवृत्ति भी खिलाड़ियों की उपस्थिति पर निर्भर करेगी।