अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नई अनाज मंडी में चार दिनों से करीब 300 क्विंटल किसानों का सोना पड़ा है। अभी तक गेहूं के एक भी दाने की खरीद नहीं हुई है। खरीद एजेंसी का कहना है कि अभी गेहूं में नमी की मात्रा अधिक है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है, उन्हें अनाज मंडी में ही गेहूं की फसल को सुखाना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर खेत में गेहूं की कटाई चल रही है ऐसे में किसान अनाज मंडी में गेहूं की फसल को सुखाए या फिर खेत में गेहूं की फसल को कटवाए। किसानों की इस परेशानी की ओर कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। दूसरी तरफ आढ़ती भी ऑनलाइन प्रणाली के विरोध में हड़ताल पर चल रहे हैं। आढ़तियों का कहना है कि जब तक सरकार ऑनलाइन प्रणाली को वापस नहीं लेती तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
15 को प्रदेशभर के आढ़ती शहर में सरकार के खिलाफ करेंगे रोष प्रकट
ऑनलाइन खरीद प्रणाली के विरोध में प्रदेशभर के आढ़ती एकजुट हो गए हैं और उन्होंने हड़ताल का ऐलान किया हुआ है। करनाल अनाज मंडी के प्रधान रजनीश चौधरी ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग को नहीं मानती उनकी हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल को करनाल अनाज मंडी में प्रदेशभर के आढ़ती एकत्रित होंगे और सरकार के खिलाफ रैली कर रोष प्रदर्शन करेंगे।
अनाज मंडी में करीब 300 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है। अभी गेहूं में नमी की मात्रा अधिक है। इसलिए खरीद नहीं हो रही है। इस बार हैफड और फूड एंड सप्लाई दो एजेंसी खरीद करेंगी।-हकीकत राय, सचिव मार्केट कमेटी, करनाल।