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प्रबंधन ने किया पिकाडली शुगर मिल बंद, किसान चलाने की मांग पर अड़े

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अमर उजाला ब्यूरो
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इंद्री (करनाल)। पिकाडली शुगर मिल प्रबंधन ने मंगलवार को शुगर मिल बंद कर दिया। इसके विरोध में किसान भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतन मान और गन्ना संघर्ष समिति के प्रधान रामपाल चहल की अध्यक्षता में एकजुट हो गए और मिल चलाने की मांग पर अड़ गए। बता दें कि इंद्री के गांव भादसों में पिकाडली शुगर मिल और पिकाडली डिस्टलरी से फैलने वाले प्रदूषण के खिलाफ भादसो की ग्राम सेवा समिति ने एनजीटी कोर्ट में केस दायर किया हुआ है। एनजीटी के कड़े रुख के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी सख्ती दिखाते हुए पिकाडली डिस्टरली और पिकाडली शुगर मिल को बंद करने का निर्णय लिया हुआ है।
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी डिस्टलरी को सील कर जैसे ही शुगर मिल पर कार्रवाई करने के लिए आगे बढ़े तो किसान एकजुट हो गए। किसानों के विरोध के कारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शुगर मिल को बंद किए बिना ही लौट गए। मंगलवार को जब शुगर मिल प्रबंधन ने ही मिल बंद करने का निर्णय लिया तो किसान पुन: एकत्रित हो गए। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतन मान और गन्ना संघर्ष समिति के प्रधान रामपाल चहल की अध्यक्षता में एकत्रित हुए किसान मिल चलाने की जिद पर अड़े रहे। परंतु मिल प्रशासन ने मिल चलाने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद रतन मान, रामपाल चहल और कुछ किसान इंद्री तहसीलदार को साथ लेकर डीसी करनाल के पास मिल चलाने की अनुमति लेने के लिए रवाना हुए और रतनमान ने किसानों को बुधवार सुबह मिल में अधिक संख्या में पहुंचने के लिए कहा।
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दूसरे मिलों में गन्ना डालने से किसानों का इंतजार
शुगर मिल में काफी देर तक किसान इस जिद पर अड़े रहे कि शुगर मील चलाया जाए, परंतु मिल प्रबंधन कार्यवाही के डर से मिल चलाने से इंकार करता रहा। इस पर 5 सदस्यीय कमेटी ने निर्णय लिया कि किसानों की बकाया गन्ने की फसल को नारायणगढ़, यमुनानगर और कैथल मिल में गिराया जाए, परंतु इस पर भी किसान सहमत नहीं हुए और मिल चलाने की मांग पर अड़े रहे।

मिल को बंद करने तक जारी रहेगा संघर्ष
ग्राम सेवा समिति के प्रधान आत्मप्रकाश ने कहा कि जब तक पिकाडली शुगर मिल बंद नहीं हो जाता हम यह लड़ाई जारी रखेंगे। इसके अतिरिक्त, मिल प्रबंधन अब भी किसानों की आड़ लेकर अपना स्टाक निकालने में लगा हुआ है। मिल में बैक डेट में पर्चियां काटी जा रही है। किसानों की आड़ में अब भी पर्यावरण को प्रदूषित करने का कार्य किया जा रहा है। 3 अप्रैल के बाद मिल चलाना कोर्ट की अवमानना है।
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आज मिल में होगी पंचायत
इस मामले मे गन्ना संघर्ष समिति के प्रधान रामपाल चहल ने कहा कि उपायुक्त से मिले हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि किसानों के गन्ने की पिराई का प्रबंध किया जाएगा, लेकिन किसानों को इस आश्वासन पर भरोसा नहीं है, इसलिए बुधवार को सुबह नौ बजे शुगर मिल में किसानों की महा पंचायत बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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