एक तरफ तो हम शहर की सड़कों को मॉडल बनाने जा रहे हैं। दूसरी तरफ हमारी सड़कें ऐसी हैं कि 79 एमएम पानी तक नहीं झेल पाई। कई जगह हालात ऐसे हैं कि गड्ढों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे मेें लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल हुई सामग्री पर भी सवाल उठने लगे हैं। बरसात के बाद शहर की छोटी-बड़ी कई सड़कों की हालात खराब हो गई हैं।
पानी जमा होने से इन सड़कों की हालत खराब
सिटी एरिया में-
-मुगल कैनाल रोड
-निर्मल कालोनी के पीछे की सड़क
-नावल्टी चौक
-पुरानी कमेटी चौक
-बस स्टैंड रोड
-बस स्टैंड के दोनों गेट
-पुरानी सब्जी मंडी रोड
-नई अनाज मंडी रोड
-इब्राहिम मंडी के सामने
-बलड़ी बाइपास चौक
-मेरठ रोड चौक
-इंद्री रोड
-नर्सी विलेज रोड
-ग्रीन बेल्ट
-सेक्टर-13 रोड
इन सड़कों के अलावा शहर की कई छोटी बड़ी सड़कों पर भी गड्ढे हो गए हैं, जिनसे हादसों का अंदेशा है।
कुछ माह पहले ही बनीं हैं सड़कें, फिर उखड़ी क्यों?
शहर में सेक्टर-12 रोड, सेक्टर-13 रोड, मुगल कैनाल के अलावा कई ऐसी सड़कें हैं, जिनकी कुछ ही माह पहले मरम्मत हुई थी। तो वहीं कई सड़कें नई बनीं है। रोड सेफ्टी विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप का कहना है कि अब ये सड़कें इस बरसात से उखड़ी क्यों? ये बात ही इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है।
गड्ढा इतना खतरनाक कि जान तक ले ले..
रोड पर एक गड्ढा भी खरतनाक है। रोड सेफ्टी विशेषज्ञ तेजपाल और एडवोकेट राजकुमार का कहना है कि अक्सर समतल रोड पर वाहन तेज रफ्तार से दौड़ते हैं। ऐसे में अचानक सामने गड्ढा आने से ब्रेक लगते हैं। चालक को आगे की स्थिति पता ना होेने के कारण हादसे की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे में गड्ढा मौत का कारण भी बनता है।
रात में हादसे की ज्यादा आशंका
शहर की गलियों में गड्ढे रात के समय ज्यादा खतरनाक हैं। क्योंकि बरसात के बाद इनमें पानी जमा होता है। ऐसे में लोगों को चलने में भी दिक्कत आती है। वहीं रात के समय में कई बार गड्ढा होने की जानकारी ना होेने के कारण भी लोग गिरते हैं।
कुछ सड़कों की मरम्मत का कार्य जारी है। जहां अब बरसात के कारण सड़क गड्ढे हुए हैं, उन सड़कों को भी दुरुस्त कराया जाएगा। वहीं जो सड़कें कुछ ही समय पहले बनीं है। उनकी मरम्मत संबंधित ठेकेदारों द्वारा कराई जाएगी। साथ ही इनकी निर्माण सामग्री की भी जांच कराएंगे।
-निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।