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तीन गुणा कम हुआ विकास शुल्क, कालोनीवासी अब भी देने को तैयार नहीं

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। प्रदेश सरकार द्वारा अवैध कॉलोनियों से वैध हुई कॉलोनियों के लिए विकास शुल्क तीन गुना कम करने के बाद भी कॉलोनी वासी टैक्स देने को तैयार नहीं हैं। पहले यह 1000 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर था, जो अब घट कर 360 रुपये तक कर दिया है। बावजूद इसके, कालोनीवासी टैक्स देने को तैयार नहीं है। अब कालोनी वासियों का कहना है कि इसे 120 रुपये तक किया जाना चाहिए, तभी वे टैक्स दे सकेंगे।
बता दें कि सरकार ने गत मई माह में करनाल की 66 में से से 23 कॉलोनियां वैध कर बड़ी सौगात दी थी। शर्त थी कि पहले जनता विकास शुल्क जमा कराएगी। इसके बाद कालोनियों में विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। कलेक्टर रेट के हिसाब से 600 से लेकर एक हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक इसकी दर तय की गई। ढाई महीने बीत गए, लेकिन किसी ने यह शुल्क नहीं दिया। अवैध कालोनियों की जनता का जो रवैया है उससे साफ है कि कोई यह शुल्क देगा भी नहीं। इसलिए नगर निगम ने इन कालोनियों के बाशिंदों को नोटिस थमा चुका है, लेकिन कालोनी के लोगों पर इसका कोई असर नहीं है। कुछ ऐसे ही हालात प्रदेश के अन्य शहरों में रहे। इसलिए प्रदेश सरकार ने 1200 रुपये से शुल्क घटाकर 360 रुपये प्रति गज या कालोनी के कलेक्टर रेट पर 5 प्रतिशत टैक्स लिया जाएगा। शर्त है कि जो भी टैक्स ज्यादा बनता है उसे ही लिया है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में यह रेट 500 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगा, इसके अलावा प्रदेश के सभी नगर निगमों में 360 रुपये किया गया है। इसके साथ ही नगर परिषद क्षेत्र में यह रेट 240 और नगर पालिका क्षेत्र में 160 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगा। शहरी स्थानीय निकाय के एसीएस आनंद मोहन शरण ने बाकायदा इसका ऑर्डर पास किया है। बता दें कि करनाल में हाल ही 23 कालोनियां वैध हो गईं, लेकिन अभी तक इनमें विकास कार्य शुरू नहीं किए गए हैं। इसको लेकर कॉलोनी के लोग कई बार रोष प्रदर्शन कर चुके हैं।
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निगम करेगा लोगों को जागरूक
लोगों का यह रवैया देखकर निगम अब अवैध कालोनियों में जागरूकता अभियान चलाएगा। इनमें विकास शुल्क की दर के बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि पता चल सके कि किस एरिया को कितना शुल्क जमा कराना है। इसके अलावा हर कालोनी में शिविर लगाकर लोगों से विकास शुल्क जमा कराने की अपील भी की जाएगी। अधिकारी सरकार की पॉलिसी से जनता को अवगत कराएंगे। उनके सवालों के जवाब देकर उन्हें संतुष्ट करेंगे।

एसोसिएशन के तेवर अब भी कड़े
एक हजार रुपये विकास शुल्क के विरोध में अवैध कालोनी वासियों ने आंदोलन चलाया था। विरोध के चलते ही सरकार ने रेट कम किए हैं। अब 360 रुपये रेट पर भी कालोनी वासी खुश नहीं हैं। बसंत विहार वेलफेयर एसोसिएशन ने पंचायत कर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। संस्था के वरिष्ठ उप प्रधान गुलाब सिंह पोसवाल ने चेतावनी दी थी कि यदि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो चुनाव का बहिष्कार तक कर सकते हैं। उन्होंने मांग की कि विकास शुल्क 100 या 120 रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इसी प्रकार राजेंद्र आर्य ने कहा कि अगर सरकार ने शुल्क और कम नहीं किया तो वे आंदोलन को तैयार हैं।
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जो 23 कालोनियां वैध की गईं थी उनमें से विकास शुल्क नहीं आ रहा है। लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। टैक्स को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। लोगों को अब टैक्स इसलिए जमा कराना चाहिए, क्योंकि तीन गुना तक विकास शुल्क कम किया गया है। -धर्मपाल सिंह, डीटीपी, नगर निगम, करनाल।
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