अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पांचवें दिन रविवार को भी रोडवेज की हड़ताल जारी रही। रोडवेज के कर्मचारियों ने कर्ण पार्क में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ रोष जताया, साथ ही सरकार को चेताया कि वे किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं। ऐसे में यात्रियों को ज्यादा परेशानी सोमवार को होगी, क्योंकि तीन दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को स्कूल, कॉलेज और ऑफिस खुल रहे हैं। ऐसे में यात्रा करने वालों की संख्या ज्यादा रहेगी। जाहिर सी बात है कि यात्रियों के सफर तकलीफ भरा रहेगा।
बता दें कि अब तक विभाग को 56 लाख से ज्यादा का घाटा हो चुका है। पिछले पांच दिन से डिपो की बसें खड़ी हैं। डिपो में कुल 186 बसें हैं। प्रति दिन इन बसों से डिपो को 13 से 14 लाख रुपये की आमदनी होती है। पांच दिन से 100 से ज्यादा बसें खड़ी हैं, इस कारण लगातार डिपो का घाटा बढ़ रहा है। विभाग प्राइवेट बसों और हायर करके वाहनों को रूटों पर चला रहा है। बावजूद इसके यात्रियों की परेशानी कम नहीं हो रही है।
रोडवेज जीएम का दावा है कि हड़ताल के चलते यात्रियों की सुविधा के लिए 131 बसें रविवार को रूटों पर चलाईं। इनमें से 54 बसें रोडवेज की, 64 बसें प्राइवेट और 14 बसें हायर की हुई हैं। ये आंकड़े रोडवेज के हैं, जबकि रविवार को अन्य दिनों की अपेक्षा बस स्टैंड पर यात्री कम दिखे, लेकिन जो भी दिखे परेशान दिखे। बस के लिए फिर से लंबा इंतजार। सालवन, पाढा जाने के लिए लोगों को एक घंटे से भी ज्यादा बस का इंतजार करना पड़ा। इसी प्रकार के हालात, असंध और इंद्री जाने वाले यात्रियों के साथ रहे। यात्रियों का कहना है कि सरकार और कर्मचारियों की लड़ाई में जनता पिस रही है। इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। यात्री कमल सिंह, राज प्रताप, कृष्णा देवी ने कहा कि रोडवेज दावे बेशक कर रहा हो, लेकिन यात्रियों की परेशानी कम नहीं है। सीट नहीं मिलने के कारण मजबूरी में लोगों को बसों की छतों पर सफर करना पड़ रहा है।
720 बसों को निजी हाथों में न सौंप जाए : किसान सभा
रविवार को आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की जिला कमेटी एवं हरियाणा किसान सभा ने प्रदेश में शासित भाजपा सरकार परिवहन विभाग को निगम में बदलने व 720 बसों को निजी हाथों में सौंपने के फैसले को वापस लेने की मांग की है। फव्वारा पार्क में रोडवेज कर्मचारियों की 16 अक्तूबर से लगातार जारी हड़ताल का पुरजोर समर्थन करते हुए एटक की जिला सब कमेटी के सदस्य एसपी त्यागी ने कहा कि हरियाणा सरकार से 720 बसों के परमिटों को निजी हाथों में सौंपने और परिवहन विभाग को निगम का दर्जा देने के फैसले पर पुनर्विचार करें। उन्होंने बताया कि एटक भारतीय मजदूरों व कर्मचारियों किसानों व बेरोजगार पढ़े लिखे छात्रों का प्रतिनिधित्व करता है और विभागों व कारखानों को निजी हाथों में सौंपने का विरोध करता है। रोडवेज की हड़ताल में वर्कशॉप, दफ्तर, चालक, परिचालक से जुड़े सभी कर्मचारी व मजदूर शामिल हैं। हरियाणा किसान सभा के जिला सचिव बीर सिंह लाठर द्वारा हरियाणा भाजपा सरकार से अपील की है कि वह कर्मचारी और मजदूर वर्ग के हितों के मद्देनजर रखते हुए पुरानी पेंशन स्कीम को तुरंत लागू करवाए व नई पेंशन स्कीम को वापस ले यह पेंशन स्कीम बढ़ रही महंगाई, कम बैंक ब्याज रेट, लो लेवल ऑफ सेविंग कर्मचारियों को बुढ़ापे में रिटायरमेंट होने पर अजीविका के लिए खतरा है।
कई संगठनों ने दिया हड़ताल को समर्थन, नारेबाजी
करनाल। सर्व कर्मचारी संघ, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन, आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर यूनियन, मिड-डे मील वर्कर यूनियन, जनवादी महिला समिति, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन ने रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन दिया है। रविवार को ओमप्रकाश सिंहमार, सीटू जिला सचिव जगपाल राणा, आंगनबाड़ी यूनियन जिला प्रधान रूपा राणा, जिला सह सचिव राकेश राणा, मिड-डे मील की जिला प्रधान शिमला देवी, जनवादी महिला समिति जिला सचिव जरासो देवी, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राज्य प्रधान कामरेड जगमाल सिंह ने रोडवेज कर्मचारियों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते प्रदेश की जनता बेहाल हो रही है। अमीर घरानों के हितों में निजीकरण से सार्वजनिक ढांचे को कमजोर किया जा रहा है। रोडवेज के कर्मचारी इस सरकारी रोडवेज के बेड़े को बचाने के लिए अपनी नौकरी तक दांव पर लगाने को मजबूर हैं। इस अवसर पर सीटू नेता मनोज, गीता रानी, उषा, कमलेश, रोशनी, कुसम व सिंद्रो सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।