सरकार के खिलाफ गरजे रोडवेज कर्मी, गेस्ट टीचर और कंप्यूटर लैब सहायक
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
हरियाणा रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी की ओर से बस स्टैंड पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के प्रति रोष प्रकट किया गया। मीटिंग की अध्यक्षता राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा ने की। सरकार से मांग की गई कि जनता की सुविधा के लिए रोडवेज के बेड़े में 10 हजार नई बसें शामिल की जाए। नियम के हिसाब से पक्की भर्ती की जाए। 1992 से 2002 तक लगे कर्मचारियों को ज्वाइनिंग तिथि से पक्का किया जाए। वहीं 2016 में भर्ती चालकों को नियमित किया जाए। बैठक में कहा गया कि वाशिंग ब्वॉय, चौकीदार, पीयून और हेल्पर की वर्दी काटने का आदेश जारी किया गया है, जोकि गलत है। इनको वर्दी की अहम जरूरत होती है। रोडवेजकर्मियों ने कहा कि अगर मांगें लागू नहीं की गई तो 28 दिसंबर को चक्का जाम कर दिया जाएगा। इस अवसर पर राज्य महासचिव आजाद सिंह गिल, सचिव प्रदीप भूरा जाखड़, प्रधान कृपाल सिंह लाडी, सचिव महिंद्र गौड़ काछवा, सतीश सालवन, कर्मबीर, श्यामलाल शर्मा, सतपाल मकैनिक, मनोज कुमार, बृजभूषण, कमल मान, सुभाष चंद्र, सुनील कुमार, हरीश कुमार, सुबा सिंह, रेवती रमन, सुरेश लाठर, नरेश कुमार, प्रधान सुखविंद्र सिंह, सुरेश कैशियर, अवतार सिंह, बल सिंह प्रधान, गोपाल कृष्ण, सुमेर सिंह, प्रधान अशोक कुमार मढान, सचिव विजय शर्मा, प्रधान विरेंद्र सिंह, अनूप सिंह, राजकुमार उपप्रधान, प्रमोद कुमार, बजिंद्र, रविशंकर, जसबीर सिंह और जगदीश कुमार आदि मौजूद रहे।
गेस्ट टीचर्स का महापड़ाव जारी
वहीं नियमित होने के लिए लगातार संघर्षरत प्रदेश भर के गेस्ट टीचरों ने सीएम सिटी में महापड़ाव डाल रखा है। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उन्हें नियमित नहीं किया जाता तब तक वह धरना जारी रखेंगे। शुक्रवार को 45वें दिन प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा शास्त्री की अध्यक्षता प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जोगिंद्र, महेंद्र कुमार, महेंद्र पुरी आदि धरने पर बैठे। इस मौके पर राजेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार आने पर पहली कलम से नियमित करने का वायदा करने वाली भाजपा सरकार आज गेस्ट टीचर को घर बैठाने पर तुली है। सरकार की इस मंशा को अब सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने भी अपने वायदे के अनुसार वहां के गेस्ट टीचरों को पक्का करने का बिल पास किया है, लेकिन प्रदेश सरकार खुद के वायदे को भूले बैठी है। प्रदेश के भाजपा नेताओं को जंतर मंतर के उसी स्थान से अपने वायदे की फिर याद दिलानी होगी, जो इन्होंने चुनाव से पूर्व दिल्ली जंतर मंतर पर नियमित करने का वायदा किया था। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों का अपमान बंद करे। गेस्ट टीचरों को जल्द से जल्द नियमित किया जाए। शीघ्र अध्यापकों को उनके हक नहीं दिए गए तो आंदोलन का रूप बदल दिया जाएगा। वहीं, कंप्यूटर लैब सहायकों ने भी धरना दिया। सहायकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
राहत, मिठाई बांटकर एनएचएम का धरना समाप्त
करनाल। 10 दिन से मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों ने शुक्रवार को धरना समाप्त किया। इस दौरान कर्मचारियों ने मिठाई बांटी और सरकार द्वारा मांगें मानने पर खुशी जाहिर की। बता दें कि 10 दिन तक एनएचएम कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और धरना जारी रखा। साथ ही शहर में जुलूस भी निकाले। प्रधान गोपाल शर्मा ने बताया कि यह कर्मचारियों की एकता की जीत है। सरकार द्वारा मांगें माने जाने के कारण हड़ताल को समाप्त किया जा रहा है। इस दौरान कर्मचारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा गुरुवार को ही कर्मचारियों की मांगें मान ली गई थी।