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रोडवेज का चक्का जाम, मुसाफिर हलकान

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रोडवेज का चक्का जाम, मुसाफिर हलकान
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-एक दिन में करनाल डिपो को साढ़े 13 लाख का घाटा, प्राइवेट वाहन चालकों ने कूटी चांदी
-रेलवे स्टेशन पर दिनभर रही भीड़, गंत्वयों तक पहुंचने में यात्रियों के छूटे पसीने
फोटो संख्या-4 से 19
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरियाणा रोडवेज वर्कर ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर सरकार द्वारा नए रूट परमिट लागू करने के विरोध में जिले में रोडवेज का चक्का जाम रहा। इससे मुसाफिरों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही रोडवेज के 294 ड्राइवर कंडक्टर बस स्टैंड परिसर में बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। दोपहर को प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के बीच इंटक के प्रदेश प्रधान अनूप सहरावत पहुंचे और कर्मचारियों में जोश भरा।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बस स्टैंड परिसर पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। बच्चों की छुट्टियां होने के कारण लोग छोटे-छोटे बच्चों के साथ कड़ी धूप में तपते रहे। उन्हें अपने घरों को जाने के लिए प्राइवेट वाहनों का सहारा लेकर काफी भीड़ के बीच सफर करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को हुई। प्राइवेट वाहन में भीड़ और देरी से आने के कारण लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं मंगलवार को सरकारी पास धारकों को पास का फायदा नहीं मिल पाया। रोडवेज की हड़ताल के कारण परेशान लोग भी सरकार को कोसते दिखाई दिए। अधिकतर लोगों को बस की छतों और खिड़कियों में लटककर सफर करना पड़ा।
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रोडवेज की हड़ताल से डिपो को हुआ साढ़े 13 लाख का नुकसान
रोडवेज के करनाल डिपो में कुल 183 बसें है। जिनमें से 165 बसें मंगलवार को डिपो के अंदर ही खड़ी रही। जबकि लंबे रूटों पर गई 18 बसें मंगलवार को भी अपने रूट पर संचालित रही। एक दिन की हड़ताल के कारण डिपो को साढ़े 13 लाख रुपये का घाटा हुआ है। डिपों में कुल 760 कर्मचारी हैं, जिनमें से 144 चालक और 150 परिचालक हड़ताल पर रहे। जबकि कर्मशाला और दफ्तरों में काम करने वाले कंडक्टर और अन्य कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। विभाग ने हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की रिर्पोट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
बस स्टैंड के गेट बंद होने से आसपास लगा रहा जाम
बस स्टैंड के चार गेटों में मंगलवार को तीन गेट बंद रहे। इस कारण प्राइवेट बसों को बस स्टैंड के बाहर से ही सवारियों को उतारना और चढ़ाना पड़ा। स्टैंड के बाहर प्राइवेट बसों और मुसाफिरों की भीड़ होने के कारण पूरा दिन जाम की स्थिति बनी रही। जाम के कारण बाजार और बस स्टेंड की ओर आने वाले लोगों को परेशान हुई। वहीं सुरक्षा को देखते हुए आसपास के एरिया में भारी पुलिस बल तैनात रहा। गेट बंद होने के कारण दिनभर छात्राएं और महिलाएं भी गेट के ऊपर से कूदने को मजबूर हुई। इससे कई महिलाओं को हल्की खरोच भी आ गई।
एक घंटा का सफर पौने दो घंटे में
हड़ताल के कारण प्राइवेट बसों में लोगों को एक घंटे का सफर तय करने में पौने दो घंटे लग गए। वहीं भीड़ होने के कारण और बसों के आराम से चलने के कारण लोग अपने कामों पर जाने को लेट हो गए। बसों में टिकट को लेकर पास धारकों और कंडक्टरों में कहासुनी भी होती रही। अधिकतर बसों मे छात्राओं को सरकार की फ्री बस पास योजना का लाभ नहीं मिल पाया। प्राइवेट बसों में छात्राओं के टिकट काटी गई। असंध से करनाल जाने वाले विकास फौजी, कर्मबीर, पंजाब सिंह और प्रभजोत कौर ने बताया कि करनाल तक पहुंचने में उन्हे रोडवेज की बस में केवल 1 घंटा लगता था। जबकि प्राइवेट बस में करनाल तक के सफर में पौने दो घंटे से ज्यादा का समय लग गया।
ऑवरलोड चले प्राइवेट वाहन, नहीं हुई कार्रवाई
हड़ताल का फायदा उठाकर प्राइवेट वाहन संचालकों ने वाहनों को ऑवरलोड़ दौड़ाकर खूब चांदी कूटी, लेकिन परिवहन विभाग द्वारा ऑवरलोड चलने वाले वाहनों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। वाहन चालकों ने खूब मनमानी की और मनमाने रूटों पर चले। परंतु विभाग ने इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया। वाहनों के ऑवरलोड चलने का खामियाजा लोगों को भुगतना पउ़ा और उन्हे भीड़ के बीच सफर करने को मजबूर होना पड़ा।
कोर्ट की आड़ में नई पॉलिसी लागू करना चाहती है सरकार
करनाल पहुंचे इंटक के प्रदेश प्रधान अनूप सहरावत ने कहा कि सरकार ने नई पॉलिसी को रद्द कर दिया था। इसके बाद सरकार ने 3 एफिडेविट दिए, जिनमें केवल संसोधन की बात कही गई है। जबकि कर्मचारियों और लोगों की मांग है कि सरकार नई पॉलिसी को रद्द करे। जबकि सरकार कोर्ट की आड़ में नई पॉलिसी लागू करना चाहती है। जबकि नई पॉलिसी केवल कुछ टांसपोर्टर के हित में है। इससे लोगों ओर विभाग का नुकसान है।
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करनाल डिपो के 294 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए हैं। जिनमें 144 चालक और 150 परिचालक शामिल है। हड़ताल में शामिल हुए कर्मचारियों की रिर्पोट विभाग के मुख्यालय भेज दी गई है। डिपो की 18 बसें रूटों पर चल रही है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बस स्टैंड पर पुलिस बल तैनात है। ताकि कोई घटना न हो।
-जयपाल राणा, जीएम,
हरियाणा रोडवेज करनाल।
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