जिले में शनिवार को इंद्री के पूर्व विधायक राकेश कांबोज समेत सर्वाधिक 477 नए केस सामने आए हैं। वहीं तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। करनाल में अब एक्टिव केसों की संख्या भी बढ़कर 3057 हो गई है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के चारों आईसीयू बेड फुल हो गए हैं। नए संक्रमितों में तीन साल से छोटी उम्र के छह बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 49 विद्यार्थी, 11 शिक्षक, तीन पुलिसकर्मी, डॉक्टर समेत तीन मेडिकल स्टाफ सदस्य, पीएनबी के बैंक मैनेजर समेत अलग-अलग बैंक के चार कर्मचारी और दो एलआईसी एजेंट कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। राहत की बात है कि एक दिन में 227 मरीज कोरोना को हराकर घर लौटे हैं। पूर्व विधायक राकेश कांबोज ने बताया कि उन्होंने अपना रूटीन में टेस्ट कराया था। कोई लक्षण नहीं है। कोरोना होने के बाद मेदांता में उनके बड़े भाई दाखिल थे, उनकी देखभाल के लिए वे मेदांता में थे।
मौत : एक सप्ताह से रोजाना जा रही औसतन दो जान
शनिवार को तीन मौत के साथ मौत का आंकड़ा भी 193 पर पहुंच गया है। गत एक सप्ताह से रोजाना औसतन दो मौत हो रही है। 10 अप्रैल तक मौत का आंकड़ा 179 पर था। 11 को 182, 12 को 185, 14 को 187, 15 को 188 और 16 को 191 तक पहुंचा था। इधर एक्टिव मरीजों की संख्या भी एक सप्ताह में करीब एक हजार तक बढ़ी है। 10 अप्रैल को 2079 एक्टिव मरीज थे, जोकि 17 अप्रैल को बढ़कर 3057 पर पहुंच चुके हैं।
रफ्तार : चार दिन तीन सौ और दो दिन से 400 पार का आंकड़ा
कोरोना मरीजों की रफ्तार भी पिछले एक माह में चार गुना बढ़ी है। मार्च की शुरुआत में जहां रोजाना औसतन 100 केस आते थे। अब इनकी संख्या एवरेज 400 तक पहुंच गई है। पिछले पांच दिनों के आंकड़ों पर नजर डाले तो 12 अप्रैल से लेकर 15 अप्रैल तक रोजाना 300 से ज्यादा केस आए। शुक्रवार और शनिवार को 400 से ज्यादा मरीजों के साथ कोरोना ने रिकार्ड बनाया है।
तीन में से एक पानीपत का मृतक, करनाल में हुआ संस्कार
मरने वाले तीन मरीजों में एक पानीपत का 75 वर्षीय बुजुर्ग है। जिसका करनाल में ही संस्कार किया गया। वहीं करनाल के जिन दो मरीजों की मौत हुई। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। इनमें एक रांवर के 64 वर्षीय बुजुर्ग है, जबकि दूसरा राम नगर का 47 वर्षीय व्यक्ति है। दोनों का स्वास्थ्य कई दिनों से खराब था।