अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों और सरकार के बीच मांगों को लेकर सहमति नहीं बनने के कारण गुरुवार को भी करनाल डिपो में हड़ताल रही। इस दौरान रोडवेज के कर्मचारियों ने बस स्टैंड पर धरना देकर नारेबाजी की तो पुलिस ने 44 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। देर शाम तक 12 को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया, जबकि अन्य को रिहा कर दिया।
उधर, प्रशासन की ओर से रोडवेज की बसों को चलाने के लिए पुलिस चालकों और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को बसों के गियर थमाए गए। तमाम प्रयास करने के चलते स्कूलों व ट्रैवेल्स की भी बसें मंगवाई गई। यात्रियों के लिए 54 बसें रोडवेज की और 34 बसें विभिन्न स्कूलों की चलाई गई। इससे कुछ हद तक यात्रियों को राहत मिली। हड़ताल को देखते हुए प्रशासन ने आगामी तीन दिन तक निजी बसों को हायर किया है।
बता दें कि पिछले तीन से रोडवेज की हड़ताल चल रही है। करनाल डिपो में कुल 181 बसें हैं, जो बंद खड़ी हैं। पिछले दो दिन डिपो को 13-13 लाख रुपये प्रति दिन और गुरुवार को करीब 10 लाख रुपये का घाटा उठाना पड़ा। गुरुवार सुबह रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैंड पर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी।
इस दौरान, रोडवेज के क्लरिकल स्टाफ और पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने बसें चलानी शुरू की तो धरना दे रहे कर्मचारियों ने इसका विरोध किया तो मौके पर तैनात पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया। सिटी थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह के अनुसार, कुल 44 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया, इनमें से 12 को जेल भेज दिया गया। उधर, रोडवेज प्रबंधन की ओर से सभी जरूरी रूटों पर बसें चलाईं र्गइं। इनमें करनाल से असंध, इंद्री, पानीपत व ग्रामीण रूटों पर बसें भेजी र्गइं।
नौकरी के लिए लगी लाइनें
प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2018 और आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के नोटिस देने के बाद से नौकरी लेने वाले युवाओं की लाइनें लग गईं। गुरुवार सुबह से ही आरटीए ऑफिस के बाहर सैकड़ों की संख्या में युवा चालक व परिचालक के लिए दस्तावेज लेकर पहुंच गए। इस दौरान सभी ने आरटीए ऑफिस में अपने दस्तावेज जमा करा दिए और कहा कि वे कार्य करने को तैयार हैं।
डीसी और एडीसी ने लिया जाएगा
करनाल रोडवेज के जीएम अश्वनी डोगरा ने बताया कि डीसी डॉ. आदित्य दहिया, एडीसी निशांत यादव, एसडीएम ने बस स्टैंड का निरीक्षण किया और वैकल्पिक व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि नगर निगम, स्कूल, पुलिस, फायर ब्रिगेड व सरकारी विभागों के ड्राईवरों की मदद से 54 रोडवेज की बसें व स्कूली बसें चलाई गई। इसके अलावा, एस्मा के तहत कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। 34 कर्मियों को बर्खास्त करने के लिए सरकार के पास सिफारिश भेजी है।