जज और बार एसो. प्रधान की बीच कहासुनी : वकीलों ने किया जज की अदालत का बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान निर्मल सिंह स्टौंडी व एक जज के बीच हुई कहासुनी मामला गरमा गया। जज पर प्रधान के साथ अभद्र व्यवहार के आरोप लगाते हुए वकीलों ने कोर्ट रूम के बाहर नारेबाजी की। साथ ही हाउस की बैठक बुलाकर जज की अदालत का बहिष्कार करने का फैसला लिया। साथ ही ये भी फैसला लिया गया कोई भी वकील संबंधित जज की अदालत में पेश नहीं होगा, अगर कोई वकील अदालत में पेश होता है तो उस पर एसोसिएशन की तरफ से पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
मामले के अनुसार, सोमवार को जूनियर डिविजन के जज की अदालत में एक केस लगा हुआ था, जिसमें एक पक्ष के वकील निर्मल सिंह स्टौंडी थे। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान निर्मल सिंह स्टौंडी ने बताया कि सोमवार को करनाल में पंजाब एवं हरियाणा हाईकार्ट के जस्टिस आए हुए थे, वह प्रधान होने के नाते उनसे मिलने चले गए। प्रधान ने बताया कि केस में क्रास होना था, लेकिन अगली डेट लेने के लिए उसने अपने मुंशी को संबंधित जज के पास अप्लीकेशन लेकर भेजा। आरोप है कि जज ने अप्लीकेशन लेने से इंकार कर दिया और अगली डेट देने से भी इंकार क र दिया। इस पर मुंशी का फोन आने के बाद वह जज की अदालत में पेश हुए और जज से इस बारे में बात की। प्रधान का आरोप है कि इस दौरान जज का व्यवहार अच्छा नहीं रहा और उन्होंने अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी एसोसिएशन के वकीलों को दी। इसके बाद मंगलवार को मामले को लेकर हाउस की बैठक बुलाई गई और पूरे मामले पर चर्चा की गई। करीब एक घंटे तक चली बैठक में जिला बार एसो. ने जज की अदालत का बहिष्कार किया, साथ ही अगर कोई वकील जज की अदालत में पेश हुआ तो उस पर 5 हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा। फैसले के बाद वकील एकत्रित होकर संबंधित जज के कोर्ट रूम के बाहर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। वकीलों के नारेबाजी करने की सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और डीएसपी सिटी विवेक चौधरी भी कोर्ट रूम के बाहर पहुंचे और वकीलों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, वकीलों की मांग है कि जब तक जज हाउस से माफी नहीं मागेंगे, उनका विरोध जारी रहेगा। उधर, इस बारे में कई बार जज से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल नाट रिचेबल रहा
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सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस आए हुए थे, मैं उनसे मिलने गया था और अपने मुंशी को जज की अदालत में अप्लीकेशन देकर गया था, लेकिन जज ने अप्लीकेशन लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद मैं खुद अदालत में गया और जज से इस बारे में बात की तो उन्होंने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि इससे पहले भी वो कई वकीलों के साथ ऐसा कर चुके हैं। इसको लेकर बार एसोसिएशन ने बैठक करके जज के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है और कोई भी वकील उनकी अदालत में पेश नहीं होगा, जो पेश होगा, उस पर जुर्माना किया जाएगा। -निर्मल सिंह स्टौंडी, प्रधान, जिला बार एसोसिएशन, करनाल।
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सोम