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विधायक के गोद लिए स्कूल में नहीं हैं अध्यापक, 25 की जगह

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विधायक के गोद लिए स्कूल में नहीं हैं अध्यापक, 25 की जगह 8 अध्यापक चला रहे काम
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अमर उजाला ब्यूरो
असंध। प्रदेश सरकार एक तरफ तो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चला कर बेटियों को पढ़ाने की बात कर रही है। वहीं दूसरी तरफ कस्बे के सालवन चौक स्थित विधायक बख्शीश सिंह द्वारा गोद लिए राजकीय गर्ल्ज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अध्यापकों की कमी के कारण बेटियां पढ़ाई से वंचित रहने को मजबूर है। इससे कस्बे के लोगों में विधायक और सरकार के प्रति रोष है। स्कूल में अध्यापकों की स्थिति सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की पोल खोल रही है। स्कूल में अध्यापकों के 19 पद स्वीकृत है। जबकि इस समय स्कूल में केवल 5 अध्यापक ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्कूल में मेडिकल, नोन मेडिक़ल व कॉमर्स का कोई भी अध्यापक नही है, जिस कारण गरीब परिवारों की बेटियों के लिए इन संकायों की पढाई करना एक सपना बन गया है। मजबूरन सभी छात्राएं कला संकाय में ही दाखिला ले रही हैं। बता दें कि असंध विधायक बख्शीश सिंह विर्क ने इस स्कूल को गोद भी लिया हुआ है। बावजूद इसके स्कूल की स्थिति दयनीय बनीं हुई है। बता दें कि स्कूल में पीजीटी अध्यापकों के 19 पद स्वीकृत है, जिनमें से सिर्फ हिंदी, इतिहास व पंजाबी के ही तीन रगुलर लेक्चरर है। जबकि राजनीति विज्ञान व इकॉनोमिक्स के दो गेस्ट लेक्चरर हैं। वहीं स्कूल में अंग्रेजी, कैमिस्ट्री, कॉमर्स, गणित, फिजिक्स, संस्कृत, कम्पयूटर सांईस व गृह विज्ञान पढाने के लिए एक भी अध्यापक नहीं है। स्कूल में सिर्फ पांच अध्यापकों के सहारे स्कूल की छह सौ छात्रायें शिक्षा ग्रहण कर रही है। वहीं मास्टर के लिए 6 रेगुलर पद हैं, जिनमें से इस समय 3 अध्यापक हैं और तीन की जगह खाली है। तीन अध्यापक ही अन्य विषयों की पढ़ाई करवा रहे हैं।
एक सेक्शन में पढ़ रही 67 छात्रांए
स्कूल में अध्यापकों की कमी के कारण एक सेक्शन में 67 छात्रांए पढ़ रही है, जिससे पढ़ाई ठीक प्रकार से नहीं हो पाती। अध्यापकों की कमी के कारण कॉमर्स, मेडिकल और नॉन मेडिकल में एक भी छात्रा का दाखिला नहीं हो पा रहा है। वहीं विभाग भी इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। स्कूल की कक्षा छठी में 92 छात्रांए, सातवीं कक्षा में 82 छात्राएं, आठवीं कक्षा में 82 छात्रांए, नौवीं में 134 छात्राएं, दसवीं में 123 छात्राएं, ग्याहरवीं कक्षा में 18 व बाहरवीं में 34 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। छठी कक्षा से दसवीं कक्षा तक दो-दो सेक्शन बनाए हैं। यानी हर सेक्शन में 40 से ज्यादा छात्राओं को रखा गया है।
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हकीकत बयां करते हुए छात्राओं की आंखों से छलके आंसू
नाम न छापने की शर्त पर स्कूल की छात्राओं द्वारा पढ़ाई की हकीकत बयां करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। छात्राओं ने कहा कि सरकार बेटियों के नाम पर बड़े बड़े दावे करती है, लेकिन सरकार उनके भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रही है। छात्राओं ने कहा कि गरीब परिवार की बेटियां निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण नही कर सकती। जबकि सरकारी स्कूल में कॉमर्श, मेडिकल और नॉन मेडिकल का कोई भी अध्यापक नहीं है, जिस कारण वैज्ञानिक और डॉक्टर बनने का सपना मन में संजौनी वाली छात्राओं को आर्ट विषय पढ़ना पढ़ रहा है। छात्राओं ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात करते हैं, लेकिन कभी मोदी ने उनके मन की बात नहीं सुनी।
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खाली पदों की लिस्ट मांगते हैं, नहीं करते कोई कार्रवाई स्कूल में अध्यापकों की भारी कमी है, जिसको लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को लिखित में भेजा जा चुका है। अधिकारी हर महिने स्कूल में अध्यापकों के रिक्त पदों की लिस्ट तो मांग लेते हैं, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं करते। विधायक बख्शीश सिंह ने स्कूल को गोद लेने की घोषणा तो कर दी, लेकिन बच्चों की पढ़ाई को लेकर अध्यापकों की कमी पर कोई ध्यान नहीं दिया।
-हवा सिंह, प्रिंसीपल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, असंध
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