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फूसगढ़ में बनेगा कोविड केयर सेंटर

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कोरोना की दूसरी लहर में अब नए मामले घटने लगे हैं लेकिन प्रशासन ने तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी शुरू कर दी हैं। फूसगढ़ के सामुदायिक केंद्र में चल रहे आइसोलेशन सेंटर को कोविड अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए 40 बेड भी आ गए हैं। इधर, कोरोना के शुक्रवार को 80 दिन बाद सबसे कम 48 नए केस मिले हैं। दो मरीजों की मौत भी हुई। 154 मरीज कोरोना से जंग जीतकर अपने घर लौटे हैं।
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डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि सिजेंटा इंडिया लिमिटेड कंपनी ने ये उपलब्ध कराए हैं। इनके साथ पिलो कवर व बेड शीट भी शामिल है। कंपनी के बिजनेस मैनेजर कृष्ण कुमार पाठक, सेनेटरी मैनेजर अबद रोयल, वितरक दिव्या गोयल ने ये बेड भेंट किए।
उधर, कोरोना का जिले में पॉजिटिविटी रेट 8.34 प्रतिशत, रिकवरी रेट 96.65 प्रतिशत और मृत्यु दर 1.31 प्रतिशत है। उधर, अब ब्लैक फंगस भी पांव पसार रहा है। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के सात नए केस सामने आए। इतने ही मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज भी किया गया। वहीं नौ मरीजों को तबीयत बिगड़ने पर रोहतक रेफर किया गया। अब तक करनाल में ब्लैक फंगस के कुल 96 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 14 की मौत हुई है। -ब्यूरो
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22 गांवों के 35 ग्रामीण मिले संक्रमित
कोरोना के जिले में शुक्रवार को सामने आए 48 मामलों में 35 ग्रामीण हैं। ये केस जिले के 22 गांवों से मिले हैं। कुल 3865 लोगों की जिले में जांच हुई थी। जिनमें से 2395 की अभी रिपोर्ट आना भी पेंडिंग है। जिले में 803 एक्टिव केस हैं। वहीं कोरोना से अब तक 517 लोगों की मौत हो चुकी है। सीएमओ की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक लिए गए 370285 लोगों की जांच हुई। 39431 पॉजिटिव केस मिले, जिनमें से 38111 मरीज ठीक हो चुके हैं।
335 ऑक्सीजन और 147 आईसीयू बेड खाली
मामले घटने के बाद अब अस्पतालों के बेड भी खाली होने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज समेत कोरोना के इलाज के लिए अधिकृत 24 अस्पतालों में कुल 486 नॉन आईसीयू बेड में से 335 बेड खाली हैं। आईसीयू के 267 में 147 बेड खाली हैं। इसी तरह मेडिकल कॉलेज के नॉन आईसीयू 190 बेड में से 105 भरे हैं और आईसीयू के 110 बेड में से 92 भरे हुए हैं।
सीएमओ की एडवाइजरी
ब्लैक फंगस से बचने के लिए मास्क को धोकर अगले दिन न पहनें
जरूरी नहीं है कि जिस व्यक्ति को कोरोना हो चुका है, उसे ही ब्लैक फंगस होगा। यह रोग किसी भी व्यक्ति को हो सकता है, जिसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। ब्लैक फंगस से बचने के लिए मास्क प्रतिदिन बदलकर पहनना चाहिए। सीएमओ डॉ. योगेश शर्मा ने कहा कि मास्क को गर्म पानी से प्रतिदिन धोकर रखें और प्रतिदिन के हिसाब से अलग-अलग मास्क का प्रयोग करना चाहिए। एक मास्क को धोकर दूसरे दिन नहीं पहनना चाहिए। एक बार मास्क पहनने के बाद उसका नंबर उसी वार को छह दिन के बाद आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसे भी इसके लक्षण दिखाई दें, वह तुरंत कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज व अन्य सामान्य अस्पताल में अपनी जांच करवा सकता है।
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