माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 का लाभ केवल उन आवेदनकर्ताओं को मिलेगा जिनका प्लॉट या जमीन नगर निगम सीमा में हो और उनके वैध मलकियत के दस्तावेज हों। योजना के तहत नगर निगम कार्यालय में अब तक 1961 ऑनलाइन आवेदन आए इनमें से 445 आवेदन सत्यापित किए जा चुके हैं जबकि 1154 आवेदनों की जांच की जा रही है।
इनमें से 362 लोगों के आवेदन रद्द हुए हैं। ये वे आवेदन करने वाले थे जिनके पास मलकियत का सबूत यानी रजिस्ट्री, हस्तांतरण विलेख, जमाबंदी या इंतकाल जैसे मलकियत के दस्तावेज नहीं थे। उनके प्लॉट या कच्चा मकान अधिकृत निगम क्षेत्र से बाहर मिले। ऐसे लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
जांच में योग्य मिले लाभार्थियों को फोन कर नेहरू पैलेस स्थित कार्यालय में वैध मलकियत के दस्तावेज जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है। ताकि संबंधित फाइल को सत्यापन के लिए वार्ड जेई के पास भेजी जा सके। उन्हें जल्द अपने मालिकाना कागजात कार्यालय में जमा करवाने होंगे ताकि उनकी फाइल को सत्यापित कर डीपीआर तैयार करने के लिए शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय को भेजी जा सके। जिन आवेदनकर्ताओं के मकान नगर निगम के लाल डोरा क्षेत्र में आते हैं, उन्हें संपत्ति कर शाखा से प्रॉपर्टी सर्टिफिकेट लेकर उसे नेहरू पैलेस कार्यालय में जमा करवाना होगा।
अधिकृत क्षेत्र में हो कच्चा मकान ः निगमायुक्त वैशाली शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के लिए कुछ मापदंड निर्धारित किए गए हैं। इसके अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), जिनके पास देश में कहीं भी अपना पक्का मकान नहीं हैं, वे इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्लॉट या कच्चा मकान अधिकृत क्षेत्र में होना चाहिए।