माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्ण नगरी को रोशन करने में सरकार ने स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट के तहत तीन साल में करीब 32 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। इसके बावजूद आज भी शहर की 13 मुख्य सड़कों पर अंधेरा छाया रहता है।
हालात ये हैं कि सड़कों पर गड्ढे हैं और लाइटें बंद हैं। बारिश में गड्ढे दिखाई नहीं देते। जिसकी वजह से लोग घायल हो रह हैं। यही हालात कॉलोनियों में भी हैं। जहां लाइटें खराब हैं।
शहर के लोग नगर निगम कार्यालय में स्ट्रीट लाइटों की शिकायत लेकर आते हैं तो इन्हें सिर्फ स्मार्ट सिटी को भेजने का काम किया जाता है। चूंकि स्ट्रीट लाइटों को लगाने से लेकर रिपेयर करने का काम निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। वहीं, नगर निगम में केवल नंबर 0184-2200600 पर कॉल करने की सलाह दी जाती है।
इस समस्या को नगर निगम सदन की बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। 2022-23 में स्मार्ट सिटी के तहत शहर में करीब 23634 लाइटें लगाई गई थी। इस काम करीब 32 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। प्रोजेक्ट में शहर की 160 कॉलोनी में एलईडी स्ट्रीट लाइटें और बाजार, पार्क, चौराहों पर 450 हाईमास्ट लाइटें लगाई थी। ये काम एचपीएल कंपनी को दिया गया था। जिसमें लाइटों को लगाने से लेकर इनकी 10 साल की रिपेयरिंग की जिम्मेदारी भी एजेंसी की थी। मगर इन लाइटों की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है।