संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सेक्टर-8 निवासी कुलजीत सिंह के साथ साइबर ठगों ने गैस कनेक्शन की केवाईसी के नाम पर 12 रुपये की फीस का झांसा देकर 3.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पहले व्हाट्सएप पर स्कैनर भेजकर ठगी की। फिर डेबिट कार्ड का नंबर लेकर खाता खाली कर दिया। साइबर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की है।
कुलजीत सिंह ने बताया कि उनके पास एक मोबाइल नंबर से व्हाटसएप पर वॉइस कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने उन्हें बोला कि आपके गैस कनेक्शन की केवाईसी होनी है। इसके लिए आपको 12 रुपये की पेमेंट करनी होगी। आरोपी ने उनके व्हाट्सएप पर एक स्कैनर भेजकर पेमेंट करने की बात कही। उन्होंने आरोपी के कहे अनुसार स्कैनर पर पेमेंट की। पमेंट करते ही उनके बैंक खाते से एक लाख 99 हजार 506 रुपये की राशि कट गई।
इसके बाद आरोपी ने कहा कि यह पेमेंट डेबिट कार्ड से कर दो। उन्होंने उनका डेबिट कार्ड का नंबर ले लिया। दूसरी ट्रांजेक्शन में उनके खाते से एक लाख 56 हजार 179 रुपये कट गए। इसके बाद चार हजार रुपये, फिर 500 कटे, इसके बाद 198 रुपये की राशि काटी गई। इसके बाद जब उन्होंने अपने बैंक का खाता चेक किया तो खाते में सिर्फ 127 रुपये बैलेंस मिला। ठगों ने उनके खाते से तीन लाख 60 हजार 383 रुपये निकाल लिए थे।
इसके बाद उन्होंने 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
ध्यान रखें
साइबर थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि साइबर ठग गैस केवाईसी, शादी कार्ड, पार्ट टाइम नौकरी के नाम पर ठगी कर रहे हैं। अगर ऐसी कोई कॉल आए तो तुरंत ऐसे नंबर को ब्लॉक कर दें। अगर कोई भी पुलिस या ट्रैफिक चालान की डॉट एपीके फाइल आती है तो उसे फोन में इंस्टाल न करें। इसको इंस्टाल करते ही मोबाइल हैक हो जाता है। आपके मोबाइल पर पूरा कंट्रोल साइबर अपराधी का हो जाएगा। वह आपके बैंकिंग सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके आपकी जमापूंजी खाली कर सकते हैं। इसके अलावा आपके व्हाटसएप से किसी को भी वह फाइल भेज सकता है। इसलिए अगर कोई भी एपीके फार्मेट में फाइल आए तो उसे न खोलें। वहीं कोई भी पेमेंट करने से पहले अच्छी तरह से पड़ताल कर लें। ताकि आर्थिक हानि का शिकार होने से बचा जा सके।