अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सरकारी स्कूलों में होने वाले स्टूडेंट असेसमेंट टेस्ट का परिणाम अब स्कूल मुखिया को पोर्टल पर अपलोड करना होगा। जिसे ऑनलाइन देखा जा सकता है। ऐसे में अब सरकारी स्कूलों की हर महीने की परफोरमेंस ऑनलाइन दिखाई देगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर सभी डीईओ, बीईओ को निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। परीक्षा का परिणाम ऑनलाइन होने से हर स्कूल की परफोरमेंस पर निदेशालय की सीधी नजर रहेगी, जिस स्कूल का परिणाम कम रहेगा। उस स्कूल मुखिया को स्पष्टीकरण देना होगा और अगले महीने परीक्षा परिणाम में भी सुधार लाना होगा।
अर्द्धवार्षिक परीक्षा का परिणाम भी करना होगा ऑनलाइन
हर महीने होने वाले असेसमेंट टेस्ट के परिणाम के साथ ही स्कूल मुखिया को अर्द्धवार्षिक परीक्षा का भी परिणाम पोर्टल पर अपलोड करना होगा। जिसमें एक-एक विद्यार्थी के किस सब्जेक्ट में कितने नंबर आए हैं। ये सब अपडेट करना होगा। इससे यह भी बता चल जाएगा कि किसी विषय में ज्यादा विद्यार्थी कमजोर हैं और उस अध्यापक को निर्देश दिए जाएंगे कि विद्यार्थियों की पढ़ाई पर जोर दिया जाए।
विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आएगी कम
हर विषय वाइज विद्यार्थियों के नंबर पोर्टल पर अपलोड होने से विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट कम आएगी, क्योंकि अक्सर 10वीं और 12वीं कक्षा के परिणाम में विद्यार्थियों की अंग्रेजी और गणित विषय में कंपार्टमेंट ज्यादा आती है। ऐसे में निदेशालय को पहले ही पता चल जाएगी कि किस विषय में विद्यार्थी कमजोर हैं, ताकि विद्यार्थी को वह विषय गहनता से पढ़ाया जाए।
टेस्ट होते ही उसकी महीने में करना है परिणाम अपलोड
शिक्षा विभाग की ओर से निर्देश मिले हैं कि स्कूलों में होने वाले स्टूडेंट असेसमेंट टेस्ट का परिणाम स्कूल मुखिया को पोर्टल पर अपलोड करना है। यह परिणाम टेस्ट होने पर उसी महीने ऑनलाइन करना है। इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर बढ़ेगा और परिणाम में पहले से अच्छा आएगा।-सपना जैन, बीईओ करनाल।