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विदेश भेजने के नाम पर 27 लाख ठगे

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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। सोनीपत जिले के हसनपुर निवासी युवक देवेंद्र को अमेरिका भेजने के नाम पर करनाल के एजेंट पर 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। युवक की बहन जोनी ने पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया को शिकायत दी। सिविल लाइन थाना पुलिस ने एजेंट संधीर गांव निवासी सुमित उर्फ रिंका के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। महिला के अनुसार सुमित ने उसके भाई को अमेरिका भेजने का भरोसा दिया था। करीब छह महीने पहले अमेरिका भेजने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में यह राशि ली है। मुगल कैनाल मार्केट स्थित एससीओ पर राशि दी गई।
आरोप है कि उसके भाई को बीच रास्ते पनामा के जंगलों में छोड़ दिया था। बाद में उसने पानीपत के एक अन्य एजेंट के माध्यम से अपने भाई की मदद की और उसे वहां से सकुशल आगे भिजवाया। अब वे अपने रुपये वापस लेने के लिए करनाल के चक्कर काट रहे हैं। पैसे वापस देने की बजाय सुमित उन्हें धमकियां दे रहा है और उसने फोन उठाने भी बंद कर दिए। पुलिस के अनुसार आर्थिक अपराध शाखा के माध्यम से थाना सिविल लाइन में शिकायत भेजी गई है। मामला दर्ज कर लिया है।
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सिंगापुर भेजने के बहाने 2.65 लाख हड़पे
करनाल। सिंगापुर भेजने के नाम पर 2.65 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में असंध थाना पुलिस ने जींद जिले के जीवनपुरा गांव निवासी मोहन व पंजाब के लुधियाना निवासी हैप्पी उर्फ हन्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जलमाना गांव निवासी बलविंद्र कौर ने पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया को शिकायत देकर इन दोनों एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उसकी शिकायत पर असंध थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच का जिम्मा जलमाना चौकी पुलिस को सौंप दिया है।
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बलविंद्र कौर के अनुसार मोहन उनके गांव आता-जाता था तभी उसके साथ जान-पहचान हो गई थी। 2021 में मोहन ने कहा कि उसका एक दोस्त हैप्पी विदेश भेजने का काम करता है और उसने बहुत से लड़कों को विदेश भेजा है। वे उसकी बातों में आ गई और अपनी बेटी को विदेश भेजने के लिए बात की। सिंगापुर भेजने के लिए 3.15 लाख रुपये में बात तय हुई। मोहन ने राशि एडवांस मांगी और एक महीने के अंदर काम करवाने की बात कही। हैप्पी से भी बात करवाई। दो फरवरी 2021 को दोनों को घर बुलाया और 2.65 लाख रुपये नकद दिए। साक्ष्य के तौर पर उस समय की वीडियो रिकॉर्डिंग उनके पास है। इसके दो-चार दिन बाद अपने बेटे के खाते से 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। अब एक वर्ष से ऊपर हो गया न तो इन्होंने उनकी बेटी को विदेश भेजा न पैसे वापस दे रहे हैं।
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