अताशा सुसाइड मामला : पांच माह में पुलिस नहीं कर पाई गिरफ्तार, एसआईटी ने 15 दिन में दी नगर निगम के एसई महिपाल सिंह व उसकी पत्नी को क्लीनचिट
-अमर उजाला ने स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम बनते ही जताई थी संभावना, नगर निगम के आफिस पहुंचे महिपाल सिंह -मृतका के पिता बोले, एसआईटी पर ऐसा करने की ही उम्मीद थी, अब अदालत का ही सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। 22 अक्टूबर, 2017 को अशोका नर्सरी में नगर निगम के अधीक्षक अभियंता महिपाल सिंह की पुत्रवधु अताशा के सुसाइड मामले में आखिरकार एसआईटी ने आरोपी महिपाल सिंह व उसकी पत्नी शीला देवी को क्लीन चिट थमा दी है। इसके तुरंत बाद शुक्रवार को सस्पेंड चल रहे एसई महिपाल सिंह नगर निगम के कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों व कर्मचारियों से मिले। गौरतलब है कि इससे पहले पांच माह तक पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी, लेकिन आरोपी का कहीं पर सुराग नहीं लग पाया था। अप्रैल माह की शुरुआत में ही डीएसपी असंध दलबीर सिंह की अध्यक्षता में एसआईटी बनाई थी। उधर, मृतका अताशा के पिता मनोज कुमार ने कहा कि एसआईटी की जांच से उनको कोई अचंभा नहीं है। बता दें कि महिपाल की पुत्र वधू ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगा आत्महत्या कर ली थी। मृतक लड़की के पिता मनोज के बयानों पर पुलिस ने नगर निगम करनाल में ससुर महिपाल, सास शीला और पति प्रणव चौधरी पर मामला दर्ज किया गया था। मामले के 39 दिन बाद आरोपी प्रणब चौधरी ने सरेंडर कर दिया था, रिमांड पर लेने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था। जबकि आरोपी एसई महिपाल सिंह व उसकी पत्नी की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की थी, लेकिन पांच में पुलिस उसे कहीं पर भी तलाश नहीं कर सकी। इसे लेकर असंध के डीएसपी दलबीर सिंह, सीआईए टू के इंचार्ज जसपाल सिंह ढिल्लो व मनोज कुमार को शामिल कर स्पेशल टीम गठित की गई थी। मामले की पुष्टि करते हुए सीआईए टू के इंस्पेक्टर जसपाल सिंह ने बताया कि मामले में महिपाल सिंह व उसकी पत्नी को क्लीन चिट दे दी गई है। वहीं मृतका के पिता ने कहा कि उन्हें भगवान और अदालत पर भरोसा है।