धुंध के कारण जीटी रोड पर टकराए 15 वाहन, दो बाइक सवारों सहित तीन लोगों की मौत, 15 से ज्यादा घायल, पौने घंटे लगा जाम
अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा। (करनाल)
नेशनल हाईवे पर सोमवार सुबह कोहंड के पास स्थित ओवरब्रिज पर अचानक चंद मिनटों के लिए छाई धुंध के कारण 15 वाहनों में भिड़ंत हो गई। हादसे में दो बाइक सवारों और एक इनोवा चालक की मौत हो गई जबकि 15 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हादसे के शिकार हुए दोनों बाइक सवार अलग-अलग बाइक पर थे। मृतकों को कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ियों के बीच से निकाला गया। वहीं, हादसे में 15 से ज्यादा घायल लोगों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। वाहनों के टकराने के कारण करीब पौने घंटे तक जीटी रोड पर यातायात बाधित रहा। वहीं हादसे में क्षतिग्रस्त वाहनों के मालिकों ने टोल कंपनी सोमा पर पैसे वसूलने का आरोप लगाया है।
जानकारी मुताबिक सोमवार सुबह करीब आठ बजे जीटी रोड पर अचानक कोहरा छा गया। इस दौरान कोहंड ओवरब्रिज पर दिल्ली की तरफ जा रही ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली में बाइक सवार घरौंडा निवासी मनोज (28) टकरा गया और उसके पीछे बोलेरो ने उसे टक्कर मार दी। इसी बीच इनके पीछे बाइक पर आ रहा अराइपुरा निवासी निर्मल कुमार (24) भी गाड़ी से टकरा गया। इसके बाद इनोवा सहित एक के बाद एक लगभग 15 गाड़ियां टकराती गईं। हादसा इतना भयानक था कि जहां गाड़ियों के परखचे उड़ गए और वहीं बाइक सवार युवक गाड़ियों के बीच कुचले गए। हादसे में दोनों बाइक सवार युवकों और इनोवा गाड़ी में सवार पटियाला निवासी तलविंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद काफी संख्या में राहगीर एकत्रित हो गए और पुलिस-राहगीरों ने घायलों को गाड़ियों से निकाल अस्पताल पहुंचाया।
इस कारण हुआ हादसा
सोमवार सुबह मौसम साफ था, लेकिन जीटी रोड पर जहां-जहां खेतों में सिंचाई की गई, वहां अचानक धुंध आ गई। इस कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए, क्योंकि उनकी स्पीड ज्यादा थी। इस बारे में हाइवे पुलिस से इंस्पेक्टर गौरव पूनिया ने बताया कि धुंध के चलते कोहंड ओवरब्रिज पर कई वाहनों में भिड़ंत हुई है। हादसे में घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन हटाकर यातायात को सुचारु रूप से किया गया था। वहीं, घरौंडा पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
जाम में फंसे सैकड़ों वाहन
सोमवार को हाईवे पर वाहनों की संख्या और दिन की अपेक्षा अधिक दिखाई दी। कोहंड ओवरब्रिज पर हुए हादसे के बाद सैकड़ों वाहन फंस गए। करीब दो किलोमीटर तक जाम लग गया। हादसे में घायल लोगों तक एंबुलेंस पहुंचाने के लिए पुलिस प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसी तरह दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए गलत दिशा से ले जाना पड़ा। जाम खुलवाने के लिए पुलिस ने हाईवे पर दो प्वांइट पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया और ओवरब्रिज पर फंसे वाहनों को निकाला।
सोमा कंपनी पर पैसे वसूलने का आरोप
हादसे में क्षतिग्रस्त वाहनों के मालिकों ने टोल कंपनी सोमा पर पैसे वसूलने का आरोप लगाया है। वाहनों चालकों के मुताबिक उन्होंने टोल का भुगतान किया है। ऐसे में दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने की जिम्मेदारी टोल कंपनी की है, लेकिन उनसे एक गाड़ी हटवाने की एवज में 1500 रुपये लिए जा रहे हैं। पंजाब से दिल्ली की तरह जा रहे कार चालक चरणसिंह ने पैसे देने का विरोध करते हुए कहा कि उसके पास टोल की स्लिप है। जिस पर साफ लिखा हुआ है कि एंबुलेंस और क्रेन की सुविधा नि:शुल्क दी जाएगी।
एक साल पहले हुई थी मनोज की शादी, इकलौता था निर्मल
घरौंडा के रामनगर निवासी मृतक मनोज के चचेरे भाई अनूप ने बताया कि मनोज कुमार पानीपत एक कंपनी में कार्य करता था। वही घर का पालनपोषण कर रहा था, क्योंकि कई साल पहले उसके पिता का देहांत हो गया था। एक साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। वहीं, दूसरी ओर अराइपुरा निवासी मृतक निर्मल के चाचा राजबीर ने बताया कि निर्मल की अप्रैल में शादी हुई थी। घर में इकलौता था और घर में कमाने वाला भी वहीं था। दोनों परिवारों में मातम का माहौल है।
टोल भुगतान करने वाले वाहन चालकों को एंबुलेंस और क्रेन की सुविधा निशुल्क प्रदान की जाती है। सोमा कंपनी क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए वाहनों चालकों से पैसे नहीं वसूलती। हो सकता किसी निजी क्रेन आपरेटर ने वाहन चालकों से पैसे लिए हों, इसकी जांच कराई जाएगी। -संजय माथूर, डीजीएम सोमा कंपनी।