सामाजिक न्याय एवं सहकारिता विभाग द्वारा निराश्रित बच्चों को 2100 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसका लाभ 21 वर्ष तक की आयु के वे बच्चे उठा सकते हैं जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है या उनके पिता के घर से पिछले दो वर्ष की अवधि से अनुपस्थित हैं, माता-पिता की लंबी सजा हो चुकी है या वे मानसिक व शारीरिक अक्षमता के कारण बच्चों की सहायता अथवा देखभाल नहीं कर पा रहे हैं। यह सहायता एक परिवार में दो बच्चों तक दी जा सकती है। लाभार्थी के पास बेसहारा होने का प्रमाणपत्र, बच्चों के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जन्म प्रमाणपत्र व आवेदक का पांच वर्ष या उससे अधिक की अवधि का हरियाणा राज्य का निवासी होने का दस्तावेज, फोटोयुक्त वोटर कार्ड या राशन कार्ड आदि की स्व सत्यापित फोटो प्रति सहित परिवार पहचान पत्र होना आवश्यक है। आवेदक कोई अन्य प्रमाणपत्र सहित पांच वर्ष से हरियाणा में निवास का शपथपत्र भी दे सकता है। लाभ लेने के इच्छुक प्रार्थी नजदीकी अंत्योदय सरल केंद्र, अटल सेवा केंद्र सहित सीएससी केंद्र पर आवेदन कर सकते हैं। ब्यूरो
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना
की राशि सरकार ने बढ़ाई
करनाल।
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत दी जाने वाली शगुन राशि में बढ़ोतरी की है। अब पिछड़ा वर्ग परिवार को विवाह के अवसर पर कन्यादान के रूप में 51 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इससे पहले ये राशि 41 हजार रुपये थी। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले हजारों पात्र परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की कन्याओं के विवाह में सहायता प्रदान करना है। इसके तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले पिछड़े वर्ग के परिवारों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए, किसी भी वर्ग की महिला खिलाड़ियों को उनकी स्वयं की शादी के लिए और ऐसे दिव्यांग जोड़ों को जिनमें पति या पत्नी में से कोई एक भी दिव्यांग हो को भी अब 51 हजार रुपये की राशि कन्यादान स्वरूप दी जाएगी। डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए विवाह के 6 महीने के भीतर विवाह पंजीकरण कराना जरूरी है। आवेदक ://http://shadi.edisha.gov.in/ . पोर्टल पर जाकर मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। ब्यूरो