राम, लक्ष्मण और शबरी बनकर दिया स्वच्छता का संदेश
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
इस बार की राहगिरी स्वच्छता के प्रति जागरूकता करने को समर्पित रही। स्वच्छता के गीत गाए गए और स्वच्छता के गीतों पर ही शहरवासी झूमे। इसके साथ ही संकल्प भी लिया गया, घर को साफ रखेंगे और आसपास में भी सफाई बनाए रखेंगे। राम, लक्ष्मण और शबरी बनकर युवाओं ने शहरवासियों को स्वच्छता का संदेश दिया। नाटक के माध्यम से दर्शाया गया कि जैसे शबरी ने राम के लिए अपने घर को साफ और स्वच्छ रखा था, उसी प्रकार हमें भी घर को इस प्रकार रखना चाहिए जैसे घर पर भगवान आ रहे हैं। राहगिरी में नीलोखेड़ी से आए कलाकार कृष्ण ने शबरी के वेश में स्वच्छता का महत्व बताया। यश कालड़ा ने भगवान श्रीराम व शिवचंद्र मौर्य ने लक्ष्मण का अभिनय किया। कलाकारों ने बताया कि जहां स्वच्छता होती है वहीं भगवान का वास होता है। कलाकारों ने राहगिरी में आए नागरिकों को फल वितरित किए। राम, लक्ष्मण और शबरी ने पूरी राहगिरी का भ्रमण किया। शूटिंग में भी हाथ आजमाया। फव्वारा पार्क के पास बने मुख्य मंच पर कलाकारों ने धार्मिक गीतों पर नृत्य किया। खालसा कॉलेज के प्रो. डॉ. बीर सिंह और राजेश्वरी रंधावा ने मंच का संचालन किया। दूसरे मंच का संचालन मानव पुरी और प्रियंका काठपाल ने किया। वहीं, तरावड़ी से आई नेहा वर्मा ने नृत्य किया। आदित्य चावला, कमल चावला ने भी शानदार प्रस्तुति दी। अंकित सिंगला ने दादा के साथ भक्त ध्रुव, प्रह्लाद व पूरणमल का अभिनय किया। ठंड के बावजूद सैकड़ों लोगों ने राहगिरी कार्यक्रम में भाग लिया। वहीं राहगिरी टीम ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह और मेडल देकर सम्मानित किया। करीब दो घंटे तक चले कार्यक्रम में सभी प्रस्तुति स्वच्छता के नाम रही। अगले सप्ताह सात की बजाए साढ़े सात बजे राहगिरी शुरू होगी और साढ़े नौ बजे तक यह कार्यक्रम चलेगा
पिछली बार 65 वां नंबर था, इस बार टाप 10 में आना है
इस दौरान, नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी धीरज कुमार ने बताया कि देश के 4041 शहरों के बीच यह परीक्षा है। इसमें तय होगा कि स्वच्छता में कौन सा शहर कहां है। करनाल भी इस प्रतियोगिता की दो से पांच लाख तक की आबादी के शहरों में शामिल है। बीते साल जनवरी में हुए सर्वे में हमारा शहर उत्तर भारत में अव्वल रहा था। देश में हमारा 65वां नंबर था। इस बार हमें टॉप-10 की सूची में शामिल होना है। शहर का हर नागरिक इस अभियान में हिस्सेदार बने, ताकि करनाल अपना लक्ष्य हासिल कर सके। उन्होंने कहा कि अपनी छोटी-छोटी आदतों को सुधार कर हम स्वच्छता में बड़ा योगदान दे सकते हैं। नगर निगम ने शहर में 200 से अधिक डस्टबिन लगाए हैं, कचरा इन्हीं में डालें। घर के स्तर पर ही कचरे को गीला व सूखा अलग-अलग करें।
इस अवसर पर सुरेश पूनिया, जेसी बब्बर संजय बतरा, सुशील कोच, दिनेश गुलाटी, सुरेंद्र मरवाहा, डॉ. पवन, परमिंद्र सिंह, प्रिंस, संजीव नरवाल, राजीव ओहरी और धर्मेंद्र आदि मौजूद रहे।