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बीटेक डिग्री धारक सरपंच ने बदली गांव की तस्वीर

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बीटेक डिग्री धारक सरपंच ने बदली गांव की तस्वीर
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अमर उजाला ब्यूरो
निगदू। बीटैक डिग्री धारक सरपंच ने डेढ़ साल में गांव की तस्वीर बदल दी है। आज गांव में फाइव पांड सिस्टम है और वेस्ट मैनेटमेंट प्लांट है। गांव की गलियां चकाचक हैं। खास बात यह है पंचायत की ओर से गांव में हरियाली को लेकर खास काम किया गया है। करीब एक हजार पौधे गांव में लगाए गए हैं, ताकि पर्यावरण साफ रहे। बात नीलोखेड़ी विधानसभा के गांव बुखापुरी की हो रही है। ग्राम पंचायत ने नीलोखेड़ी कारसा ढांड (एनकेडी) रोड सेे गांव में जाने वाली मुख्य सड़क के दोनों ओर पौधे लगाए गए हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों के स्वास्थ्य को लेकर ओपन एयर जिम स्थापित किया गया है और सैर के लिए पार्क भी बनाया गया है। ग्रामीण बताते हैं कि पिछले डेढ़ में ये सारे कार्य हुए हैं, इससे पहले गांव के हालात खराब थे।
पानी निकासी भी और कचरा प्रबंधन भी
गांव की पंचायती जमीन में फाइव पोंड बनाया गया है, यहां पूरे गांव से नालियों का गंदा पानी इस प्लांट में आकर गिरता है। यह गंदा पानी अलग-अलग पौंड में जाकर खेती उपयोग के लिए काम आता है। करीब 50 लाख की लागत सेे बने इस प्लांट का प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनाल से 28 अक्टूबर को उद्वघाटन भी किया था। तो वहीं नालियों से पोंड सिस्टम के बाहर अटे मोटे कचरे के लिए भी ग्राम पंचायत ने एक प्लांट ओर लगाया हुआ है, जिससे खेतों में खाद के रूप में प्रयोग किया जाएगा।
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गांव को बनाऊंगा निर्मल एवं स्वच्छ: सरपंच
गांव के सरपंच नीरज कुमार का कहना है कि पहले हमारे गांव में आना वाला हर कोई बाहरी व्यक्ति व राहगीर मुंह पर कपड़ा रखकर आता था। इस समस्या पर ग्राम पंचायत की बैठक में विचार करके गांव की मुख्य सड़क के दोनों साइड किनारों पर पेड़-पौधे लगाए, ताकि उनका गांव भी स्वच्छ एवं सुंदर दिखे। गांव में सुंदरता एवं स्वच्छता को बनाए रखने के लिए ग्रामवासियों के सहयोग से अहम कदम उठाए जा रहे है। गांव बुखापुरी स्वच्छ एवं सुंदर दिखे ये ही मेरा सपना है। स्वच्छता के कारण गांव का सौंदर्यकरण बहुत अच्छा लगता है गांव का निवासी शहर जाने की बजाय गांव में ही रहना पसंद करता है। आज अधिकतर लोग स्वच्छता एवं सुंदरता को देख शहरों की ओर भागे जाते है क्योंकि गांवों में जगह-जगह गंदगी का आलम बना रहता है।
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