संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला न्यायालय ने सदर थाना क्षेत्र में दर्ज एक पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी को 25 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। वहीं जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
सदर थाना क्षेत्र के एक गांव के पीड़ित पिता ने अक्तूबर 2020 में मामला दर्ज कराया। जिसमें बताया गया कि उसका आठ वर्षीय बेटा शाम को गली में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था।
इसी दौरान गांव का ही रवि उसके बेटे को बहला-फुसलाकर अपने साथ घर से थोड़ी दूरी पर गन्ने के खेत में ले गया। वहां जाकर आरोपी ने उसके बेटे के साथ गलत काम किया। उसके कुछ देर बाद गली में खेल रहे अन्य बच्चों ने उसके बेटे की रोने की आवाज सुनी। जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे तो उसका बेटा बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ मिला।
जिसके बाद उन्होंने उसके बेटे को पानी पिलाया और उन्हें सूचित किया। जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और उसके बेटे ने रोते हुए सारी बात बताई। पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल कराकर उसे काउंसलिंग के लिए सीडब्ल्यूसी करनाल के सामने पेश किया। इसके बाद टीम ने पुलिस के साथ घटनास्थल पर जाकर नाबालिग की निशानदेही करवाई। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कारोबारी को चेक बाउंस होने पर एक साल की सजा
करनाल। पुलिस ने चेक बाउंस के मामले में एक कारोबारी को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई। 10 साल पहले माया ट्रेडर्स के संचालक बीरेश जैन के पास से राम देव कालोनी निवासी कारोबारी जगदीश शर्मा ने 27 लाख रुपये का सामान खरीदा था। जिसका भुगतान नहीं किया। उसके बाद आरोपी ने 27 लाख रुपये का चेक दे दिया। शिकायतकर्ता बीरेश जैन ने चेक बाउंस की शिकायत कोर्ट में की। वर्ष 2016 में निचली अदालत ने इस मामले में एक साल की सजा सुना दी। उसके बाद मामला एडीजे अनिल कुमार की अदालत में पहुंचा। उनकी कोर्ट ने निचली अदालत का निर्णय बरकरार रखा और आरोपी जगदीश शर्मा को एक साल की सजा सुनाने के साथ 27 लाख 37 हजार रुपये का देने के आदेश दिए। संवाद