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फर्जी ईडी अधिकारी बनकर राइस मिलर्स एसो. के प्रदेश उपाध्यक्ष से ठगे 20लाख

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फर्जी ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का अधिकारी बनकर राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष से 20 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने राइस मिलर्स की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी के अन्य साथी को गिरफ्तार किया जाएगा और राशि बरामद की जाएगी। वहीं, निरीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रमोद कुमार चेक फ्रॉड सहित पहले से ही दो मामलों में जमानत पर है।
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पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी इतने शातिर हैं कि उन्होंने पहले तो विनोद गोयल को फर्जी ईडी का सम्मन भेजा। इसके बाद गोयल को गिरफ्तारी का भय दिखाया और ईडी में टैक्स जमा कराने का दबाव बनाया। दबाव में आने के बाद मिलर्स ने दोनों व्यक्तियों को 20 लाख रुपये विभाग में जमा कराने के लिए दे दिए। इस पर आरोपियों ने पैसे जमा कराने की फर्जी रसीद भी थमा दी। इसके बाद जब विनोद गोयल दिल्ली ईडी विभाग पहुंचे और पूछताछ की तो सम्मन और रसीद दोनों नकली निकले। इस पर उन्होंने मामले की शिकायत एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया को दी। शिकायत मिलने पर एसपी ने तुरंत केस दर्ज करने के आदेश दिए। सिटी थाना पुलिस ने इस मामले में धारा 419, 420, 406, 384, 506, 467, 468, 471, 474 भा.द.स. के तहत दर्ज किया है।
सीआईए-2 ने काबू किया एक आरोपी, दूसरे की तलाश जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए-2 इंचार्ज निरीक्षक दीपक कुमार ने उप-निरीक्षक सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में टीम का गठन किया। सुरेंद्र सिंह व उनकी टीम ने एक आरोपी प्रमोद कुमार वासी चोरपूरा थाना इंद्री को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को सोमवार को अदालत के सामने पेशकर सात दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि आरोपी प्रमोद कुमार व उसके एक अन्य साथी अजय कुमार वासी कनिका रेजीडेंसी मेट्रो रेलवे स्टेशन के पास शालीमार दिल्ली के साथ मिलकर ठगी की है। दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
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दूसरे मिलर्स को फर्जी नोटिस भेजा तो हुआ खुलासा
विनोद गोयल से 20 लाख रुपये लेने के बाद आरोपियों ने तरावड़ी के एक मिलर्स को और फर्जी सम्मन भेज दिया। इस पर जब संबंधित मिलर्स दिल्ली ईडी विभाग पहुंचे तो उन्होंने पता किया तो नोटिस फर्जी निकला। इस पर तरावड़ी के मिलर्स ने विनोद गोयल को इसकी जानकारी दी तो विनोद गोयल को इस फर्जीवाड़े का पता चला।
कई मिलर्स थे निशाने पर, करोड़ों कमाने की साजिश
पीड़ित विनोद गोयल ने कहा कि नवंबर माह में उसे दोनों आरोपियों ने करनाल, तरावड़ी, यमुनानगर व कैथल समेत अन्य स्थानों की पूरी लिस्ट दिखाई थी, जिसमें बताया गया था कि पूरे प्रदेश में सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं। ऐसे में आरोपियों के निशाने पर करनाल समेत अन्य जिलों के मिलर्स भी निशाने पर थे और उनकी मंशा थी कि मिलर्स को फर्जी नोटिस भेज कर फर्जी रसीद थमाकर करोड़ों रुपये के वारे न्यारे किए जाएं। हालांकि, इससे पहले ही इनका भंडाफोड़ हो गया।
खुद को दिल्ली पुलिस को एडीजीपी बताता था अजय
पीड़ित राइस मिलर्स विनोद गोयल ने बताया कि पहली बार जब अजय कुमार उससे मिला तो उसने खुद को पूर्व सीबीआई आफिसर चंडीगढ़ और दिल्ली पुलिस को एडीजीपी बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने ईडी उसके अंडर दे रखी है। इसी दबाव में वह उनसे दब गया। गोयल ने आरोप लगाया कि एक वह उनकी दुकान पर भी आया था।
जैसे ही मामले की शिकायत मिली तो तुरंत सीआईए-2 को यह केस सौंपा गया। टीम ने अच्छा कार्य करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, अन्य की तलाश है। पूछताछ के दौरान यह पूछा जाएगा कि इस खेल में अन्य आरोपी कौन कौन शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी
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