टोल टैक्स बचाने के लिए कुटेल से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही के खिलाफ स्कूली छात्र लामबंद हो गए हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के सैकड़ों छात्रों ने सोमवार को सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि टोल बचाने के लिए कुटेल गांव से गुजरने वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिससे स्कूल के सामने हादसे का खतरा बना है। ग्रामीणों ने भी कई बार यहां पर हाइट बैरियर लगाने की मांग की है लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बसताड़ा के पास स्थित टोल प्लाजा से बचने के लिए भारी वाहनों के साथ-साथ हजारों छोटे वाहन कुटेल के रास्ते दोबारा नेशनल हाइवे पर चढ़ते हैं। जिससे कुटेल की दोनों सड़कों पर वाहनों का तांता लगा रहता है। लगातार वाहनों के गुजरने से ग्रामीणों के साथ-साथ छात्रों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन वाहनों की वजह से कई बार छात्र व ग्रामीण हादसे का शिकार भी हुए हैं। जिसके चलते छात्रों और ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है।
इसी को लेकर सोमवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और सड़क जाम कर दिया। जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। छात्रा शिवानी, नैंसी, रेखा व अन्य का कहना है कि टोल बनने से पहले गांव की सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन दिखाई देता था लेकिन टोल बनने के बाद हर घंटे सैकड़ों वाहन यहां से निकल रहे हैं। वाहन चालक गांव से एंट्री करके मुबारकाबाद से निकल जाते हैं। छात्रों ने कुटेल मोड़ के पास एक और हाइट बैरियर लगाने की मांग की है। छात्रों द्वारा सड़क जाम करने की सूचना के बाद सरपंच संदीप कल्याण मौके पर पहुंच गए। जहां उन्होंने छात्रों को समझाकर शांत किया और उनकी मांगों को प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद छात्रों का गुस्सा शांत हुआ और जाम खोला।