अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पीड़ित महिला पुलिस थाना में आकर शिकायत करती है, तो उसकी शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए, यदि किसी थाना प्रभारी या मुंशी ने पीड़ित महिला की शिकायत पर मामला दर्ज न कर उसे महिला थाना में जाने को कहा तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश करनाल रेंज आईजी नवदीप सिंह विर्क ने मंगलवार को लघु सचिवालय में डीसी कार्यालय में स्थित सभागर में जिला पुलिस अधिकारियों, थाना व चौकी प्रभारियों की मीटिंग के दौरान दिये। इससे पहले, उन्होंने सभी जिला पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का परिचय लिया। आईजी ने कहा कि महिला विरुद्ध अपराधों में किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं होगी। यदि किसी पुलिस अधिकारी व कर्मचारी ने महिला विरुद्ध अपराधों में लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने 1091 महिला हेल्पलाइन के बारे एसओपी का ज्ञान भी अधिकारियों के साथ सांझा किया व उनकी पालना करने के निर्देश भी दिए ताकि महिला विरुद्ध अपराधों का सही प्रकार से आंकलन किया जा सके। भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के बारे में पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों को जागरूक किया।
सोशल मीडिया पर रहे एक्टिव
आईजी ने पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों को सोशल मीडिया का अधिक से अधिक का प्रयोग करने की सलाह दी और कहा कि वे सभी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहें। उन्हें पता होना चाहिए की सोशल मीडिया पर क्या चला हुआ है? क्योंकि आगे का समय नई जनरेशन है, जिससे सोशल मीडिया काफी पसंद है। आईजी ने कहा कि मेरा मानना है कि पुलिस कर्मचारी व अधिकारी के पास हर प्रकार की जानकारी होना अति आवश्यक है। मीटिंग में एसपी सुरेंद्र सिह भौरिया, सभी डीएसपी, सभी प्रबंधक थाना, चौकी प्रभारी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।